2026 की NEET UG परीक्षा रद्द होने के बाद एक बार फिर 2024 के चर्चित हजारीबाग पेपर लीक मामले की चर्चा तेज हो गई है। NTA ने इस बार भी पेपर लीक के पुख्ता सबूत मिलने के बाद परीक्षा रद्द कर दी है और जांच CBI को सौंप दी गई है। इसी के साथ लोगों को 2024 का वह मामला याद आने लगा, जिसने पूरे देश को हिला दिया था।
कैसे सामने आया था हजारीबाग कनेक्शन?
2024 में जांच एजेंसियों को पता चला था कि NEET का प्रश्नपत्र हजारीबाग के ओएसिस स्कूल परीक्षा केंद्र से लीक हुआ था। आरोप था कि परीक्षा वाले दिन सुबह ही स्ट्रॉन्ग रूम से पेपर निकाला गया, उसकी तस्वीरें ली गईं और फिर दोबारा सील कर दिया गया।
इस मामले में स्कूल के प्रिंसिपल एहसानुल हक और वाइस प्रिंसिपल इम्तियाज आलम को गिरफ्तार किया गया था। जांच में मुख्य आरोपी पंकज कुमार उर्फ आदित्य का नाम भी सामने आया था।

अधजले प्रश्नपत्र ने खोला था राज
मामले का सबसे बड़ा सबूत पटना में मिला अधजला प्रश्नपत्र बना। जब उसके सीरियल कोड का मिलान NTA रिकॉर्ड से किया गया, तो वह हजारीबाग सेंटर का निकला। इसके बाद जांच एजेंसियों का शक पूरी तरह इसी सेंटर पर केंद्रित हो गया।
जांच के दौरान उन स्टील ट्रंक में छेड़छाड़ के सबूत भी मिले, जिनमें प्रश्नपत्र रखे गए थे। इसके बाद CBI ने कई छात्रों, अभिभावकों और दलालों को गिरफ्तार किया था।
फिर उठे परीक्षा सुरक्षा पर सवाल
2024 के इस कांड ने देशभर में NEET परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए थे। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था और केंद्र सरकार को जांच CBI को सौंपनी पड़ी थी।
अब 2026 में फिर परीक्षा रद्द होने के बाद हजारीबाग पेपर लीक केस एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है।
