कोलकाता। पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले से परीक्षा के दौरान तलाशी की प्रक्रिया को लेकर बेहद गंभीर आरोप सामने आए हैं। सांकराइल स्थित सरकारी गर्ल्स हाई स्कूल में D.El.Ed परीक्षा देने पहुंची महिला परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया है कि नकल रोकने के नाम पर उनकी तलाशी लेते समय कपड़े और अंतर्वस्त्र तक उतरवाए गए। कुछ परीक्षार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि तलाशी के दौरान उनके निजी अंगों को छुआ गया। एक महिला परीक्षार्थी ने विरोध करने पर उसका वीडियो बनाए जाने का भी गंभीर आरोप लगाया है।
परीक्षार्थियों की शिकायत के बाद सांकराइल थाने की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह परीक्षा 8 से 12 सितंबर के बीच आयोजित हुई थी और आरोप है कि इसी दौरान कई दिनों तक तलाशी की ऐसी प्रक्रिया अपनाई गई।
परीक्षा से पहले महिला बाउंसरों पर तलाशी लेने का आरोप
परीक्षा में शामिल होने पहुंची कई युवतियों और महिला परीक्षार्थियों का आरोप है कि परीक्षा शुरू होने से पहले निजी एजेंसी से जुड़ी महिला बाउंसरों ने उनकी तलाशी ली। परीक्षार्थियों के मुताबिक, नकल रोकने और परीक्षा केंद्र में प्रतिबंधित सामग्री ले जाने से रोकने के नाम पर तलाशी की गई।
हालांकि, परीक्षार्थियों का कहना है कि तलाशी की प्रक्रिया सामान्य जांच से आगे बढ़ गई और उन्हें कपड़े तथा अंतर्वस्त्र तक उतारने के लिए कहा गया। कुछ महिला परीक्षार्थियों ने निजी अंगों को छूने का भी आरोप लगाया है। इन आरोपों ने परीक्षा केंद्र में सुरक्षा और तलाशी की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विरोध करने पर वीडियो बनाने का भी आरोप
एक महिला परीक्षार्थी ने आरोप लगाया है कि जब उसने तलाशी के इस तरीके का विरोध किया तो उसका अंतर्वस्त्र उतरवाकर कथित तौर पर उसका वीडियो बनाया गया। इस आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
परीक्षार्थियों का कहना है कि परीक्षा के दौरान कई दिनों तक तलाशी की प्रक्रिया को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई थी, लेकिन उनकी शिकायतों पर कथित तौर पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
तलाशी की प्रक्रिया से परेशान परीक्षार्थियों ने शुक्रवार रात सांकराइल थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत सामने आने के बाद हावड़ा सिटी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सरकारी स्कूल परिसर पहुंचे और परीक्षार्थियों तथा स्कूल प्रबंधन से बातचीत की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि परीक्षा केंद्र में तलाशी की व्यवस्था किसके निर्देश पर की गई थी और निजी एजेंसी की महिला बाउंसरों की भूमिका क्या थी।
शिक्षा विभाग ने भी मामले का लिया संज्ञान
मामला सामने आने के बाद जिला प्राथमिक शिक्षा विभाग की ओर से भी जांच शुरू की गई है। जिला प्राथमिक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष और जिला प्राथमिक विद्यालय निरीक्षक दिलीप कुमार साहा ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है।
शिक्षा विभाग की जांच में परीक्षार्थियों की शिकायतों और परीक्षा केंद्र पर अपनाई गई तलाशी प्रक्रिया की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और परीक्षा केंद्र पर निर्धारित नियमों का पालन हुआ था या नहीं।
पुरुष परीक्षार्थियों ने भी लगाया कपड़े उतरवाने का आरोप
मामला केवल महिला परीक्षार्थियों तक सीमित नहीं है। कुछ पुरुष परीक्षार्थियों ने भी परीक्षा से पहले तलाशी के दौरान कपड़े उतरवाने का आरोप लगाया है।
एक पुरुष परीक्षार्थी के मुताबिक, परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले उनकी शर्ट और पैंट उतरवाकर तलाशी ली गई। पुरुष परीक्षार्थियों की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद अब जांच का दायरा महिला और पुरुष दोनों परीक्षार्थियों की शिकायतों तक पहुंच गया है।
निजी बाउंसरों की भूमिका पर उठे सवाल
सरकारी स्कूल परिसर में परीक्षा के दौरान निजी एजेंसी के बाउंसरों के जरिए तलाशी कराए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परीक्षार्थियों के आरोपों के बाद यह जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है कि निजी एजेंसी को तलाशी की जिम्मेदारी किस आधार पर दी गई थी और तलाशी के लिए क्या दिशा-निर्देश तय किए गए थे।
फिलहाल पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों स्तर पर मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी तय हो सकेगी। परीक्षार्थियों की शिकायतों ने परीक्षा केंद्रों पर तलाशी की प्रक्रिया, महिला अभ्यर्थियों की गरिमा और सुरक्षा तथा निजी एजेंसियों की भूमिका को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
