Jharkhand News: स्कूल की जर्जर छत से टपक रहा खतरा, बच्चों की सुरक्षा के लिए अब तंबू में लगेगी क्लास; लातेहार की तस्वीर ने बढ़ाई चिंता

Latehar News: झारखंड के लातेहार जिले से सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति की एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। महुआडांड़ प्रखंड के ओरसा पंचायत स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय, भेड़ी गंझार का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। हालत यह है कि स्कूल की छत से लगातार प्लास्टर के बड़े-बड़े टुकड़े गिर रहे हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने अब कक्षाओं का संचालन भवन के बाहर तंबू में करने का फैसला लिया है।

जर्जर भवन बना खतरा, कक्षा छोड़ तंबू में पढ़ेंगे छात्र

विद्यालय भवन की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि शिक्षक और छात्र अब क्लासरूम के बजाय तंबू के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर होंगे। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। हालांकि इससे पढ़ाई पर भी असर पड़ने की आशंका है, क्योंकि धूप, बारिश और मौसम की अन्य चुनौतियों के बीच खुले वातावरण में नियमित शिक्षण कार्य आसान नहीं होगा।

रोज गिर रहा प्लास्टर, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका पार्वती तिकी ने बताया कि भवन की छत से लगातार प्लास्टर गिर रहा है और पूरी इमारत की स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है। उनका कहना है कि ऐसी परिस्थिति में बच्चों को भवन के अंदर बैठाकर पढ़ाना जोखिम भरा है। इसी कारण एहतियात के तौर पर स्कूल परिसर में तंबू लगाकर कक्षाएं संचालित करने की तैयारी की गई है, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

ग्रामीणों ने उठाए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवन की जर्जर स्थिति कोई नई समस्या नहीं है। लंबे समय से भवन की मरम्मत या नए भवन के निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

सुरक्षित भवन की मांग हुई तेज

ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिलना उनका अधिकार है। ऐसे में या तो जर्जर भवन की जल्द मरम्मत कराई जाए या फिर नए स्कूल भवन की व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई भी बाधित न हो और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।

फिलहाल विद्यालय परिसर में तंबू लगाकर पढ़ाई शुरू करने की तैयारी की जा रही है। यह घटना एक बार फिर सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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