Patna Student Protest: सीएम आवास मार्च के दौरान बवाल, छात्रों ने तोड़ी बैरिकेडिंग; पुलिस ने वाटर कैनन चलाया, कई हिरासत में

बिहार : बिहार की राजधानी पटना में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्रों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। मुख्यमंत्री आवास मार्च के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन से पानी की तेज बौछार की और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

पटना विश्वविद्यालय से जुड़े एनएसयूआई समेत विभिन्न छात्र संगठनों के संयुक्त आह्वान पर हजारों छात्र जेपी गोलंबर से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च के लिए निकले। हाथों में बैनर और तख्तियां लिए छात्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे थे। प्रशासन ने पहले से ही संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी और कई प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई थी।

बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश, पुलिस ने किया हस्तक्षेप

जैसे ही प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े और बैरिकेडिंग हटाकर आगे निकलने का प्रयास किया, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुलाया गया।

हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की बौछार के बाद कई छात्र सड़क पर बैठकर धरना देने लगे। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाकर सड़क किनारे हटाया और आगे बढ़ने से रोक दिया।

प्रदर्शन के चलते शहर का यातायात भी हुआ प्रभावित

छात्र आंदोलन का असर राजधानी की यातायात व्यवस्था पर भी देखने को मिला। जेपी गोलंबर से लेकर डाकबंगला चौराहे तक कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। पुलिस ने ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की।

गांधी मैदान थाना क्षेत्र सहित मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मियों और दंगा नियंत्रण इकाइयों की तैनाती की गई थी। मौके पर वाटर कैनन सहित अन्य सुरक्षा संसाधनों को भी तैयार रखा गया था।

छात्रों ने उठाईं कई अहम मांगें

प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठनों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर रोक लगाने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने, आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करने और युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की मांग की।

इसके अलावा सीवान में हाल ही में हुए छात्र आंदोलन के दौरान घायल छात्र को मुआवजा देने, गिरफ्तार छात्रों की रिहाई सुनिश्चित करने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई।

छात्र आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन

प्रदर्शन के दौरान बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम भी मौके पर पहुंचे और छात्रों की मांगों का समर्थन किया। वहीं सांसद पप्पू यादव ने भी छात्र आंदोलन के पक्ष में बयान देते हुए पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा।

राजनीतिक समर्थन मिलने के बाद छात्र संगठनों ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।

प्रशासन ने कहा—स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या बैरिकेडिंग तोड़ने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। प्रशासन के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और एहतियातन कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

फिलहाल राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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