Ujjain Khade Hanumanji: 72 घंटे बाद भी अपनी जगह अडिग खड़े हनुमानजी, दर्शन को उमड़ा सैलाब; पुजारी की तबीयत बिगड़ी

Ujjain Khade Hanumanji Relocation: उज्जैन के सतीगेट स्थित प्राचीन श्री संकटमोचन खड़े हनुमानजी मंदिर को लेकर चल रही विस्थापन की कवायद 72 घंटे बाद भी आगे नहीं बढ़ सकी है। सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आ रहे मंदिर परिसर में शुक्रवार से प्रतिमा को मूल स्थान से हटाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन अब तक प्रतिमा को एक इंच भी नहीं हिलाया जा सका है। रविवार को भी मौके पर तकनीकी परीक्षण और प्रशासनिक गतिविधियां जारी रहीं, लेकिन फिलहाल किसी तरह की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी।

इधर, प्रतिमा को हटाने की कोशिशों के बीच श्रद्धालुओं की आस्था और गहरी होती दिखाई दे रही है। रविवार सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचने लगे। दिनभर मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। रात में भक्तों की ओर से बैंड-बाजे बजाने का वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया।

तीन दिन से अटकी है खड़े हनुमानजी मंदिर के विस्थापन की प्रक्रिया

सड़क चौड़ीकरण के लिए प्राचीन खड़े हनुमानजी मंदिर को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की कवायद शुक्रवार से शुरू हुई थी। इसके लिए मौके पर क्रेन समेत अन्य संसाधन भी पहुंचाए गए थे। हालांकि तकनीकी परिस्थितियों और प्रतिमा की संरचना को देखते हुए प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

फिलहाल प्रतिमा को कैनोपी और टेंट के बीच सुरक्षित रखा गया है तथा मंदिर परिसर के आसपास बैरिकेडिंग की गई है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक प्रतिमा की गहराई, संरचना और मौजूदा स्थिति का तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है। विशेषज्ञों की सलाह और तकनीकी रूप से संतुष्ट होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के मुताबिक संबंधित पक्षों से चर्चा और तकनीकी परीक्षण के बाद ही विस्थापन को लेकर कोई अगला कदम उठाया जाएगा।

72 घंटे बाद भी प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली

विस्थापन की कोशिशों को करीब तीन दिन गुजर चुके हैं, लेकिन खड़े हनुमानजी की प्रतिमा अब भी अपने मूल स्थान पर ही है। मौके पर मौजूद अधिकारियों की ओर से फिलहाल प्रतिमा को हटाने की कार्रवाई नहीं की जा रही है।

प्रशासन की प्राथमिकता प्रतिमा को किसी भी तरह के नुकसान से बचाना बताई जा रही है। इसी वजह से तकनीकी विशेषज्ञों से परीक्षण कराया जा रहा है। अब राजसी सवारी के बाद तकनीकी परीक्षण के आधार पर आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिए जाने की बात सामने आई है।

हनुमानजी के दर्शन के लिए उमड़े हजारों श्रद्धालु

मंदिर के विस्थापन की खबर फैलने के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। रविवार को सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते रहे। मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग और टेंट लगाए जाने के बावजूद श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी रहा।

मंदिर से जुड़े शैलेंद्र यादव के अनुसार सामान्य दिनों की तुलना में अब श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। भक्तों में प्रतिमा को लेकर भावनात्मक जुड़ाव साफ नजर आ रहा है।

उनका कहना है कि महापौर भी मौके पर पहुंच चुके हैं और श्रद्धालुओं की भावनाओं तथा उनकी मांगों को ध्यान में रखने का आश्वासन दिया गया है।

रात में बजा बैंड-बाजा, वीडियो हुआ वायरल

खड़े हनुमानजी को लेकर भक्तों की आस्था का एक अलग नजारा भी देखने को मिला। रात के समय कुछ श्रद्धालुओं ने बैंड-बाजे के साथ मंदिर परिसर के आसपास माहौल बनाया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंदिर और प्रतिमा के विस्थापन का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया।

भक्तों का कहना है कि यह मंदिर उनके लिए सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का केंद्र है। इसी कारण वे प्रतिमा को सुरक्षित रखने और बिना पर्याप्त तकनीकी जांच के कोई कदम नहीं उठाने की मांग कर रहे हैं।

पुजारी महेश बैरागी की अचानक बिगड़ी तबीयत

इसी बीच मंदिर के पुजारी महेश बैरागी की रविवार को अचानक तबीयत खराब हो गई। इसके बाद उन्हें पाटीदार अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।

बताया गया कि महेश बैरागी पहले से हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहे हैं। पिछले दो-तीन दिनों से मंदिर के विस्थापन को लेकर चल रही गतिविधियों के कारण वह मानसिक तनाव में भी बताए जा रहे थे। इसी दौरान रविवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई और परिजन तथा मंदिर से जुड़े लोग उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे।

फिलहाल उनकी हालत में सुधार होने की जानकारी सामने आई है और चिकित्सक उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं।

मंदिर के संरक्षण के लिए लगाए गए पोस्टर

मंदिर को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाने के लिए मंदिर परिसर और आसपास पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों के माध्यम से प्रतिमा के विस्थापन से पहले विशेषज्ञों की मौजूदगी में पूरी तकनीकी जांच कराने की मांग की गई है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में प्रतिमा को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। उनका आग्रह है कि प्रशासन तकनीकी विशेषज्ञों की सलाह और स्थानीय लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर ही कोई निर्णय ले।

युवक कांग्रेस ने किया हनुमान चालीसा का पाठ

प्रतिमा के संरक्षण की मांग को लेकर जिला युवक कांग्रेस अध्यक्ष अर्पित यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर के पास हनुमान चालीसा का पाठ किया।

अर्पित यादव ने कहा कि मंदिर के पुजारी, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से बातचीत करके ऐसा रास्ता निकाला जाना चाहिए जिससे विकास कार्य भी प्रभावित न हो और धार्मिक आस्था को भी ठेस न पहुंचे। उन्होंने प्रतिमा की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की।

प्रशासन ने फिलहाल रोकी कार्रवाई

फिलहाल खड़े हनुमानजी मंदिर को हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। प्रशासन की ओर से राजसी सवारी के बाद तकनीकी परीक्षण जारी रखने और उसके आधार पर आगे का फैसला लेने की बात कही गई है।

ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि विशेषज्ञों की तकनीकी जांच के बाद खड़े हनुमानजी की प्रतिमा के विस्थापन को लेकर प्रशासन क्या निर्णय लेता है। फिलहाल प्रतिमा अपने स्थान पर अडिग है और श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।

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