खनौरी बॉर्डर पर किसानों की पदयात्रा को लेकर तनाव, हरियाणा पुलिस ने खड़ी की बैरिकेडिंग की दीवार; दिल्ली कूच पर बढ़ा सस्पेंस

खनौरी बॉर्डर: संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के आह्वान पर किसानों की प्रस्तावित ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ को लेकर पंजाब-हरियाणा सीमा पर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। किसानों के खनौरी-दाता सिंह वाला बॉर्डर के रास्ते हरियाणा में प्रवेश की तैयारी के बीच हरियाणा पुलिस ने सीमा पर कई स्तरों की बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए कंक्रीट के अवरोधक, कंटीले तार और दंगा नियंत्रण वाहनों की तैनाती की है। किसानों की ओर से इसे सरकार का किसान विरोधी रवैया बताया जा रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि पदयात्रा के लिए अनुमति नहीं ली गई है।

दाता सिंह वाला से दिल्ली तक 228 किलोमीटर की पदयात्रा

संयुक्त किसान मोर्चा ने हरियाणा-पंजाब सीमा पर स्थित दाता सिंह वाला गांव से नई दिल्ली के जंतर-मंतर तक करीब 228 किलोमीटर लंबी ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ का आह्वान किया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार पदयात्रा 29 अगस्त को दिल्ली में आयोजित किसान पंचायत के साथ समाप्त होगी।

किसानों का यह मार्च प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध और फसलों की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है। किसान संगठनों का कहना है कि व्यापार समझौते का भारतीय कृषि क्षेत्र और किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

खनौरी बॉर्डर पर पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

किसानों के आह्वान को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने खनौरी अंतरराज्यीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। हरियाणा की सीमा में कई स्तरों पर अवरोधक लगाए गए हैं। प्रशासन ने कंक्रीट के बड़े बैरियर के साथ कंटीले तार भी लगाए हैं, जबकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए दंगा नियंत्रण वाहनों को भी तैनात किया गया है।

जींद जिले के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि किसानों के पास पदयात्रा के लिए अनुमति नहीं है। ऐसे में सीमा पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता है। सुरक्षा इंतजामों को देखकर साफ है कि प्रशासन किसानों को बिना अनुमति हरियाणा में प्रवेश देने के पक्ष में नहीं है।

किसान नेता डल्लेवाल बोले- शांतिपूर्ण और अनुशासित रहेगी पदयात्रा

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने पंजाब की तरफ अंतरराज्यीय सीमा पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से कुल 51 किसान पदयात्रा में शामिल होंगे। उनके मुताबिक मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से निकाला जाएगा।

डल्लेवाल ने बताया कि किसानों के साथ करीब 200 स्वयंसेवक और संयुक्त किसान मोर्चा के समर्थक भी मौजूद रहेंगे। किसान संगठन की ओर से यह संदेश दिया गया है कि उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है।

बैरिकेडिंग को लेकर डल्लेवाल ने सरकार पर साधा निशाना

हरियाणा में की गई भारी सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग को लेकर जगजीत सिंह डल्लेवाल ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले किसानों के ट्रैक्टर लेकर आने पर आपत्ति जताई जाती थी, लेकिन अब जब किसानों का छोटा समूह पैदल दिल्ली जाने की कोशिश कर रहा है, तब भी उन्हें रोका जा रहा है।

डल्लेवाल ने आरोप लगाया कि सीमा पर लगाए गए भारी अवरोधक सरकार के रवैये को दिखाते हैं। उनका कहना है कि किसान शांतिपूर्वक आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन रास्ते में सरकार की ओर से अवरोध खड़े किए जा रहे हैं। किसान नेता ने इसे सरकार का किसान विरोधी चेहरा बताया।

‘किसान नहीं, सरकार रास्ता रोक रही है’

किसान नेता ने बैरिकेडिंग को लेकर कहा कि किसान शांतिपूर्वक आगे बढ़ना चाहते थे, लेकिन सीमा पर भारी अवरोधक लगा दिए गए हैं। उनके मुताबिक इससे यह संदेश जा रहा है कि किसानों की आवाज को रोकने की कोशिश की जा रही है।

हालांकि, प्रशासन की ओर से पदयात्रा के लिए अनुमति नहीं होने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में किसान संगठनों और प्रशासन के बीच बातचीत या टकराव की स्थिति पर नजर रहेगी।

डल्लेवाल का दावा- कुछ किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया

जगजीत सिंह डल्लेवाल ने यह भी दावा किया कि खनौरी से पदयात्रा शुरू होने से पहले हरियाणा पुलिस ने संगठन के कुछ नेताओं को अलग-अलग स्थानों पर हिरासत में लिया है। हालांकि, हिरासत में लिए गए नेताओं की संख्या और कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

किसान संगठन का कहना है कि वह अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेगा और प्रस्तावित पदयात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध क्यों?

किसानों की पदयात्रा के पीछे एक बड़ा मुद्दा प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भी है। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का दावा है कि इस समझौते का भारतीय किसानों और कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इसके साथ ही किसानों की प्रमुख मांगों में फसलों की खरीद के लिए MSP की कानूनी गारंटी शामिल है। किसान संगठन लंबे समय से इस मांग को लेकर सरकार के सामने अपना पक्ष रखते रहे हैं।

29 अगस्त को दिल्ली में किसान पंचायत

संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यक्रम के मुताबिक दाता सिंह वाला से शुरू होने वाली 228 किलोमीटर लंबी किसान बचाओ पदयात्रा का समापन 29 अगस्त को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसान पंचायत के साथ किया जाना है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि खनौरी बॉर्डर पर लगाए गए भारी अवरोधकों के बीच किसान हरियाणा में प्रवेश कर पाएंगे या नहीं। एक तरफ किसान संगठन शांतिपूर्ण पदयात्रा की बात कर रहा है, वहीं पुलिस अनुमति नहीं होने का हवाला दे रही है। ऐसे में खनौरी बॉर्डर पर आने वाले दिनों में गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

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