जंतर-मंतर पर EC के खिलाफ प्रदर्शन में बड़ा एक्शन, सौरभ भारद्वाज समेत 500 से ज्यादा हिरासत में; 11 मेट्रो स्टेशन भी प्रभावित

AAP नेता सौरभ भारद्वाज और विधायक संजीव झा हिरासत में, प्रदर्शनकारी CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर पहुंचे थे

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर 2026: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधायक संजीव झा समेत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 500 से अधिक बताई गई है। प्रदर्शन में राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के अलावा छात्र संगठनों और अन्य समूहों से जुड़े लोग भी शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। विरोध का एक प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर लगाए जा रहे आरोप भी रहे। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए।

जंतर-मंतर पहुंचते ही सौरभ भारद्वाज को हिरासत में लिया गया

सौरभ भारद्वाज प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान AAP विधायक संजीव झा को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी, कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और छात्र संगठन AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई अन्य लोग भी पुलिस कार्रवाई की जद में आए।

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी और नई दिल्ली जिले में प्रतिबंध लागू थे। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में जुटने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।

भारद्वाज ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

हिरासत में लिए जाने के दौरान सौरभ भारद्वाज ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी की। भारद्वाज ने यह भी दावा किया कि पुलिसकर्मियों की कार्रवाई के दौरान उन्हें खरोंच लगी।

ये आरोप सौरभ भारद्वाज की ओर से लगाए गए हैं। पुलिस की कार्रवाई को लेकर सामने आई रिपोर्टों में हिरासत और सुरक्षा व्यवस्था की पुष्टि हुई है, जबकि उनके द्वारा लगाए गए आरोपों का स्वतंत्र न्यायिक निष्कर्ष इस समय उपलब्ध नहीं है।

‘मैं मेट्रो से यहां पहुंचा हूं’, भारद्वाज ने लोगों से की अपील

हिरासत में लिए जाने से पहले भारद्वाज ने दावा किया कि उनके घर के बाहर पुलिसकर्मी तैनात थे। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद वह जंतर-मंतर तक पहुंचे। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने मेट्रो और ऑटो का इस्तेमाल करके प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की बात कही।

भारद्वाज ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की। बाद में X पर साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा कि उन्हें और संजीव झा को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद हिरासत में लिया गया है और आंदोलन जारी रखने की बात कही।

11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट प्रभावित

प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। रिपोर्टों के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद किए गए, जबकि मेट्रो नेटवर्क के अन्य हिस्सों में इंटरचेंज की सुविधा जारी रहने की जानकारी दी गई।

प्रशासन की ओर से प्रदर्शन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई। जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में यातायात एवं आवाजाही को लेकर भी प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए गए।

किन मुद्दों को लेकर हो रहा है प्रदर्शन?

प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों की आपत्तियां हैं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

AAP और प्रदर्शन में शामिल अन्य संगठनों की ओर से SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए गए हैं। ये राजनीतिक दलों और प्रदर्शनकारियों के आरोप हैं; इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं बल्कि उनके दावों के रूप में देखा जाना चाहिए।

भारद्वाज बोले- संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहे विरोध

सौरभ भारद्वाज ने प्रदर्शन को लोकतंत्र और स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा बताया और लोगों से संवैधानिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि विरोध का रास्ता शांतिपूर्ण और संवैधानिक होना चाहिए।

जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई के बाद भी प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। AAP और अन्य संगठनों की ओर से आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है, जबकि पुलिस की ओर से बिना अनुमति प्रदर्शन और लागू प्रतिबंधों के उल्लंघन के मद्देनजर कार्रवाई की गई।

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