सूरजपुर में SF-6 जवान की मौत पर उठे सवाल, शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन; परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

Surajpur News: छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की SF-6 बटालियन में पदस्थ जवान विजेंद्र ठाकुर की बीजापुर में हुई मौत के बाद सूरजपुर जिले के देवनगर में मामला गरमा गया। जवान का शव गांव पहुंचने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए देवनगर मुख्य मार्ग पर शव रखकर कई घंटे तक प्रदर्शन किया। परिवार ने जवान की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या या किसी साजिश की आशंका जताई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

शव गांव पहुंचते ही परिजनों ने उठाए सवाल

जानकारी के मुताबिक, SF-6 बटालियन में तैनात जवान विजेंद्र ठाकुर की मौत के बाद बटालियन की ओर से उनका शव उनके गृहग्राम देवनगर लाया गया। शव पहुंचने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मौत के कारण को लेकर सवाल उठाए। परिवार का कहना है कि जिस घटना को आत्महत्या बताया जा रहा है, उसकी परिस्थितियां स्पष्ट होनी चाहिए और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आनी चाहिए।

परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें जवान की मौत के संबंध में पर्याप्त स्पष्टता नहीं मिली है। इसी को लेकर उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने की मांग रखी। उपलब्ध रिपोर्टों में भी हत्या की आशंका को परिजनों का दावा बताया गया है; इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

देवनगर मुख्य सड़क पर शव रखकर किया प्रदर्शन

जवान का शव गांव पहुंचने के बाद परिजन और ग्रामीण देवनगर मुख्य मार्ग पर एकत्र हुए। लोगों ने शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान परिवार की प्रमुख मांग थी कि जवान की मौत की परिस्थितियों की जांच की जाए और घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने लाई जाए।

कई घंटे तक चले इस विरोध के दौरान ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की। परिवार का कहना था कि जांच के जरिए ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जवान की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

वरिष्ठ अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर भी नाराजगी

परिजनों ने जवान का शव गांव लाए जाने के दौरान विभाग के किसी वरिष्ठ अधिकारी के मौजूद नहीं रहने पर भी सवाल उठाए। परिवार का कहना है कि जवान की मौत जैसे गंभीर मामले में विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी और परिजनों को स्पष्ट जानकारी मिलना जरूरी था।

वरिष्ठ अधिकारी की कथित गैरमौजूदगी को लेकर परिवार ने नाराजगी जताई और प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

शहीद का दर्जा और एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग

जवान की मौत के बाद परिजनों ने उसे शहीद का दर्जा देने की मांग भी उठाई है। परिवार की ओर से जवान के आश्रितों के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजा, बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था और अन्य सहायता से जुड़ी मांगें भी प्रशासन के सामने रखी गईं।

परिजनों का कहना है कि जवान ने सुरक्षा बल में सेवा दी थी, इसलिए परिवार की मांगों पर सरकार और संबंधित विभाग को उचित निर्णय लेना चाहिए। वहीं, शहीद का दर्जा दिए जाने का निर्णय संबंधित नियमों और आधिकारिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

एसडीएम और पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन

प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों तथा ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने परिवार को उनकी मांगों और शिकायतों पर उचित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

इसके बाद कई घंटे से चल रहा प्रदर्शन समाप्त हुआ। परिजनों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन में जवान की मौत की निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ शहीद का दर्जा, मुआवजा, बच्चों की शिक्षा और अन्य मांगों पर कार्रवाई की अपील की गई।

ग्रामीणों ने तिरंगे में लपेटकर दी अंतिम विदाई

प्रदर्शन समाप्त होने के बाद ग्रामीणों ने जवान विजेंद्र ठाकुर को श्रद्धांजलि दी। ग्रामीणों ने स्वयं जवान के शव को तिरंगे में लपेटा और सम्मान के साथ अंतिम यात्रा निकाली। अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण मौजूद रहे।

जवान की मौत के बाद गांव में भावुक माहौल बना रहा। परिवार और ग्रामीण अब जांच के जरिए मौत की परिस्थितियों की स्पष्ट जानकारी सामने आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

जांच के बाद ही साफ होगी मौत की वास्तविक वजह

विजेंद्र ठाकुर की मौत को लेकर परिवार द्वारा हत्या या साजिश की आशंका जताए जाने के बाद मामले में जांच की मांग प्रमुख मुद्दा बन गई है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बटालियन की ओर से मौत को आत्महत्या बताया गया है, जबकि परिजन इस निष्कर्ष से सहमत नहीं हैं।

ऐसे में पोस्टमार्टम, घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और जांच में सामने आने वाले अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मौत की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। फिलहाल हत्या की आशंका संबंधी परिजनों के आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सूरजपुर/देवनगर: SF-6 बटालियन के जवान विजेंद्र ठाकुर की मौत के बाद उठे सवालों ने परिवार और ग्रामीणों को जांच की मांग के लिए सड़क पर ला दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया है, लेकिन परिवार की नजर अब मामले की निष्पक्ष जांच और मौत की वास्तविक वजह सामने आने पर टिकी है।

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