कांग्रेस की पहली लिस्ट जारी होते ही कांग्रेस-पाटीदार कार्यकर्ताओं में जमकर हुई मारपीट

गुजरात : इस बार गुजरात चुनाव पुरे घमासान पर है, ताज़ा मामला कांग्रेस की पहली लिस्ट जारी होते ही सामने आ गया। कांग्रेस ने जैसे ही उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की वैसे ही हंगामा शुरू हो गया। घंटों पहले समर्थन को लेकर बनी सहमति तोड़फोड़ तक पहुंच गई। हार्दिक पटेल की अगुवाई वाली पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के सदस्यों ने रविवार देर रात कांग्रेस के सूरत दफ्तर के बाहर हंगामा किया और जमकर तोड़फोड़ की। इसको लेकर अहमदाबाद में भी हंगामा हुआ।

अब राजकोट में हार्दिक पटेल की रैली फिर से रद्द कर दी गई है। इससे पहले 18 नवंबर को भी गांधीनगर में होने वाली हार्दिक पटेल की रैली रद्द कर दी गई थी। इससे पहले कि पाटीदार और कांग्रेस मिलकर बीजेपी के खिलाफ गुजरात में लड़ें, आपस में ही सिर फुटौव्वल कर लिया। सूरत में कांग्रेस नेता प्रफुल्ल तोगड़िया के दफ्तर में जमकर तोड़फोड़ हुई। इसी तरह अहमदाबाद में भरत सिंह सोलंकी के दफ्तर के बाहर भी पाटीदार और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे पर जमकर शक्ति प्रदर्शन किया।

इन वजहों से बिगड़ी कांग्रेस और पाटीदारों के बीच बात –
– पाटीदार समिति का कहना है कि कांग्रेस ने आंदोलन के दो नेताओं के नाम बिना सहमति के लिस्ट में शामिल कर लिया। ये दो नेता हार्दिक के सहयोगी ललित वसोया और अमित थुम्मर हैं। 
– कांग्रेस ने 77 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है और पाटीदार समाज के 23 लोगों को टिकट दिया।
– पाटीदारों ने कांग्रेस पर लगाया धोखा देने का आरोप लगाया है। दोनों के बीच आज समझौते का ऐलान होना था लेकिन उससे पहले कांग्रेस ने उम्‍मीदवारों का ऐलान कर दिया।
– पाटीदार अनामत आंदोलन समिति नेता दिनेश बम्भानिया ने कहा कि हम कांग्रेस और कांग्रेस के लोगों का विरोध करेंगे। कांग्रेस अभी हमें जवाब नहीं दे रही है, आगे हमारी बात क्या सुनेगी।
– दिनेश बम्‍भानिया ने कहा कि पटेल नेताओं से नामांकन नहीं भरने की अपील करेंगे, भरेंगे तो विरोध करेंगे।    

दरअसल पाटीदारों का कहना है कि कांग्रेस ने टिकट जारी करने से पहले उनसे कोई बात ही नहीं की और लिस्ट का ऐलान कर दिया। हार्दिक पटेल वाले पाटीदार कह रहे हैं कि जिन तीन नेताओं को कांग्रेस ने अनुकंपा के आधार पर टिकट दिया है, वो नॉमिनेशन ही नहीं फाइल करेंगे।

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