Jhansi News: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में देर रात पुलिस और साइबर क्राइम टीम की बड़ी कार्रवाई की सूचना सामने आई है। कटेरा थाना क्षेत्र के कंडोर खिरक में कथित साइबर क्राइम से जुड़े मामले को लेकर पुलिस ने रात के अंधेरे में व्यापक अभियान चलाया। सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान महिलाओं समेत करीब 300 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पूरे ऑपरेशन के दौरान ड्रोन के जरिए गांव में लोगों की गतिविधियों पर नजर रखे जाने की भी बात सामने आ रही है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
रात 3 से 4 बजे के बीच शुरू हुई कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, झांसी के कटेरा थाना क्षेत्र के खिरक कंडोर इलाके में पुलिस की कार्रवाई रात करीब 3 से 4 बजे के बीच शुरू हुई। अचानक बड़ी संख्या में पुलिस बल और साइबर क्राइम टीमों के पहुंचने से इलाके में हलचल मच गई।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई से पहले पूरे क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। ड्रोन के माध्यम से गांव की मूवमेंट को ट्रैक किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद पुलिस और साइबर क्राइम से जुड़ी टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की।
साइबर क्राइम से जुड़े मामले में कार्रवाई की सूचना
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुलिस का यह अभियान साइबर क्राइम से जुड़े एक मामले की जांच के तहत चलाया गया। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कथित साइबर अपराध किस प्रकार का था और जांच के दौरान पुलिस को किन लोगों पर संदेह था।
सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। इनमें महिलाओं के भी शामिल होने की बात कही जा रही है। करीब 300 लोगों को हिरासत में लिए जाने का दावा सामने आया है, लेकिन इस संख्या की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल पुलिस की ओर से नहीं हुई है।
आईजी झांसी की निगरानी में चला ऑपरेशन?
सूत्रों का कहना है कि इस पूरे अभियान की निगरानी या लीड आईजी झांसी स्तर से की गई। कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
बताया जा रहा है कि ऑपरेशन में एसपी, एएसपी और सीओ स्तर के अधिकारियों के अलावा कई थानों की पुलिस टीम शामिल रही। साइबर क्राइम टीम के अधिकारी भी अभियान का हिस्सा रहे। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के कारण यह कार्रवाई काफी व्यापक बताई जा रही है।
ड्रोन से गांव की निगरानी, फिर ताबड़तोड़ छापेमारी
इस कार्रवाई में सबसे अहम बात गांव की ड्रोन से निगरानी किए जाने की सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने रात में ही ड्रोन के जरिए गांव और आसपास के इलाके की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद संदिग्ध स्थानों को चिह्नित कर पुलिस टीमों ने छापेमारी की।
रात के समय अचानक हुई इस कार्रवाई के कारण स्थानीय लोगों में भी हलचल देखने को मिली। पुलिस टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर पूछताछ और जांच की।
कई थानों की पुलिस और साइबर टीम रही मौजूद
सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए केवल कटेरा थाना पुलिस ही नहीं, बल्कि कई थानों से पुलिस बल बुलाया गया था। एसपी, एएसपी और सीओ सहित वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में अभियान चलाए जाने की जानकारी सामने आई है।
साइबर क्राइम टीमों की मौजूदगी से यह संकेत मिलता है कि पुलिस इस कार्रवाई को किसी गंभीर साइबर अपराध की जांच से जोड़कर देख रही है। हालांकि, मामले की प्रकृति, आरोपियों की पहचान और पुलिस को मिली बरामदगी या डिजिटल सबूतों के संबंध में अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
300 लोगों को हिरासत में लेने की खबर, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा दावा करीब 300 लोगों को हिरासत में लिए जाने का है। सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों में महिलाएं भी शामिल हैं। लेकिन पुलिस की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कितने लोगों को वास्तव में हिरासत में लिया गया है और इनमें से कितने लोगों से पूछताछ की जा रही है।
ऐसे में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और उनकी भूमिका को लेकर आधिकारिक बयान का इंतजार करना जरूरी है। पुलिस की विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि कार्रवाई के दौरान कितने लोगों को पूछताछ के लिए रोका गया और कितने लोगों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।
पुलिस के आधिकारिक बयान के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल झांसी के कटेरा थाना क्षेत्र के कंडोर खिरक में हुई इस कथित बड़ी कार्रवाई को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या, साइबर क्राइम मामले की पूरी प्रकृति, पुलिस की कार्रवाई का आधार और आगे की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
जैसे ही पुलिस या संबंधित अधिकारियों की ओर से कार्रवाई को लेकर आधिकारिक बयान अथवा विस्तृत जानकारी सामने आती है, मामले की पूरी तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
