Kanpur Medicine Trader Murder Case: कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पुलिस की पड़ताल का दायरा परिवार के सदस्यों तक भी पहुंचता दिखाई दे रहा है। अब कारोबारी के बेटे सुब्रत से भी पुलिस ने विस्तार से पूछताछ की है। सोमवार देर शाम पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल की मौजूदगी में सुब्रत और उसकी बहन शुभांगी से करीब एक घंटे तक सवाल-जवाब किए गए।
पूछताछ के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर कई ऐसे सवाल किए, जिनका संबंध हत्या से पहले और बाद की गतिविधियों, शालू और सुब्रत के बीच संबंधों तथा आरोपी विशाल से संपर्क से था। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान पुलिस ने सुब्रत के सामने शालू के उस कथित बयान का जिक्र भी किया, जिसमें उसने जेल में कहा था कि विनीत की हत्या सुब्रत ने कराई है। इस पर सुब्रत ने कथित तौर पर आरोप को खारिज करते हुए कहा कि शालू झूठ बोल रही है।
शालू के आरोप पर सुब्रत से सवाल, बोला- ‘सरासर झूठ’
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ की शुरुआत में ही पुलिस ने सुब्रत से सवाल किया कि शालू जेल में यह कह रही है कि उसके पिता विनीत की हत्या उसी ने करवाई है। यह सवाल सुनने के बाद सुब्रत ने पानी पिया और रुमाल से माथे का पसीना पोंछते हुए कथित तौर पर कहा कि शालू का आरोप पूरी तरह झूठ है।
पूछताछ के दौरान पुलिस ने इस दावे को लेकर भी सवाल किया कि अगर हत्या के पीछे सुब्रत की भूमिका होती तो मुख्य आरोपी विशाल उसका नाम क्यों नहीं लेता। हालांकि, पूछताछ में सामने आई इन बातों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
छह लाख रुपये की सुपारी देने का आरोप
विनीत मिनोचा का शव छह सितंबर की सुबह उनके फ्लैट में मिला था। पुलिस के अनुसार, उनकी हत्या पांच सितंबर की देर रात चाकू से वार कर की गई थी। मामले में पुलिस ने विनीत के पुराने नौकर विशाल और उसके साथी राजकुमार को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान विशाल ने कथित तौर पर विनीत की बहू शालू पर हत्या की सुपारी देने का आरोप लगाया था। उसके मुताबिक, हत्या के लिए छह लाख रुपये की सुपारी दिए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने शालू को हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में जेल भेज दिया।
अब जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि हत्या की पूरी साजिश किस तरह बनी, आरोपियों के बीच किस स्तर पर संपर्क था और घटना से पहले तथा बाद में किन लोगों से बातचीत हुई।
पुलिस कमिश्नर के सामने भाई-बहन से करीब एक घंटे तक पूछताछ
सोमवार देर शाम पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के सामने सुब्रत और उसकी बहन शुभांगी से लगभग एक घंटे तक पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार, दोनों से करीब 15 से 20 सवाल पूछे गए और उनके जवाबों को बयान के तौर पर केस डायरी में दर्ज किया गया।
पूछताछ में पुलिस ने हत्या से पहले की गतिविधियों, परिवार के आपसी संबंधों और आरोपियों के साथ संपर्क समेत कई बिंदुओं पर जानकारी हासिल करने का प्रयास किया।
सुब्रत से पूछे गए ये सवाल
पुलिस ने पूछताछ के दौरान सुब्रत से पार्टी के समय फोन पर हुई बातचीत के बारे में सवाल किए। उससे पूछा गया कि उस दौरान वह और शालू किससे फोन पर बात कर रहे थे।
जांच टीम ने नए सिम से विशाल की ओर से सुब्रत को किए गए फोन और बातचीत के संबंध में भी सवाल किए। इसके अलावा पुलिस ने यह भी पूछा कि यदि सुब्रत विशाल को पहले से जानता था तो शुरुआती पूछताछ में उसे पहचानने से इनकार क्यों किया गया।
सुब्रत से यह भी पूछा गया कि यदि शालू ने हत्या कराई थी तो इसके पीछे उसकी कथित वजह क्या हो सकती है। इसके अलावा पुलिस ने रिश्ते से जुड़े सवाल भी किए कि जेल से बाहर आने के बाद क्या वह शालू के साथ अपना संबंध बनाए रखेगा और क्या वह उसे बचाने का प्रयास करेगा या उसके खिलाफ कार्रवाई चाहता है।
शुभांगी से भी परिवार और रिश्तों को लेकर सवाल
पुलिस ने विनीत की बेटी शुभांगी से भी कई महत्वपूर्ण सवाल किए। उससे सुब्रत और शालू के बीच संबंधों के बारे में जानकारी मांगी गई।
पूछताछ में यह जानने का प्रयास किया गया कि शालू का विनीत के प्रति व्यवहार कैसा था और क्या विनीत अपने बेटे तथा बहू पर किसी प्रकार की पाबंदी लगाते थे। शुभांगी से यह भी पूछा गया कि क्या विनीत ने कभी उससे बेटे और बहू को लेकर नाराजगी व्यक्त की थी।
इसके अलावा पुलिस ने आखिरी बार पिता विनीत से उसकी कब और किस मुद्दे पर बातचीत हुई थी, इसकी जानकारी भी मांगी।
महत्वपूर्ण: ऊपर बताए गए पूछताछ के सवालों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ये सवाल सूत्रों के हवाले से सामने आए हैं।
शालू और विशाल की पुलिस रिमांड पर आज सुनवाई
इस हत्याकांड में पुलिस ने शालू और आरोपी विशाल की पुलिस रिमांड के लिए अदालत में याचिका दाखिल की है। रिमांड याचिका पर बुधवार को सुनवाई प्रस्तावित है।
यदि अदालत से दोनों की पुलिस रिमांड मंजूर होती है, तो जांच टीम दोनों से अलग-अलग पूछताछ करने के साथ सुब्रत के सामने उनका आमना-सामना भी करा सकती है। पुलिस इस दौरान हत्या की साजिश, संपर्क और घटनाक्रम से जुड़े सवालों के जवाब तलाशने का प्रयास करेगी।
नए सिम ने बढ़ाई जांच की अहमियत, शालू से सात और सुब्रत से छह बार बात
जांच में सामने आए कॉल डिटेल से भी पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात कही जा रही है। पुलिस के अनुसार, विशाल ने तीन सितंबर को नया सिम खरीदा था। इसके बाद पांच सितंबर की देर रात विनीत की हत्या हुई।
बताया जा रहा है कि इसी नए सिम से विशाल ने शालू को सात बार और सुब्रत को छह बार फोन किया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के बाद विशाल ने किन लोगों से संपर्क किया और उन बातचीत में क्या बात हुई।
विशाल की तीन दिनों की कॉल डिटेल में मीरपुर के किशन और नैतिक वर्मा के नाम भी सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस दोनों के बारे में जानकारी जुटा रही है और उनके संभावित संबंधों की जांच कर रही है।
घटनास्थल पर 21 बार फोन कॉल, पुलिस को खटक रहा यह कनेक्शन
जांच के दौरान डाटा फिल्टरिंग में एक और बिंदु पुलिस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, घटनास्थल के आसपास ही विशाल और वारदात में शामिल बताए जा रहे राजकिशोर के बीच करीब 21 बार फोन पर बातचीत हुई।
पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि यदि दोनों एक ही स्थान पर थे तो इतनी बार फोन पर बातचीत करने की जरूरत क्यों पड़ी। वहीं, यदि दोनों अलग-अलग स्थानों पर मौजूद थे तो वे उस समय कहां थे और उनके बीच लगातार बातचीत की वजह क्या थी, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
जांच टीम को यह संभावना भी नजर आ रही है कि दोनों आरोपी फ्लैट में एक बार के बजाय दो अलग-अलग मौकों पर दाखिल हुए हो सकते हैं। इस बिंदु की भी जांच की जा रही है।
पुलिस की निगरानी में जांच, निर्दोष पर कार्रवाई न करने का दावा
मामले की जांच को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी पड़ताल पूरी नहीं हुई है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस की ओर से यह भी कहा गया है कि जांच की निगरानी वरिष्ठ स्तर पर की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई न हो, इसलिए संदेह से जुड़े सभी बिंदुओं को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में सुब्रत से पूछताछ की गई है। जरूरत पड़ने पर परिवार के अन्य सदस्यों और उनके करीबियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
अब किन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस?
विनीत मिनोचा हत्याकांड में अब पुलिस की जांच कई कड़ियों को जोड़ने में लगी है। नए सिम से हुई कॉल, शालू और सुब्रत से संपर्क, विशाल और राजकिशोर के बीच घटनास्थल के दौरान हुई बातचीत और आरोपियों की गतिविधियां जांच के अहम हिस्से हैं।
इसके अलावा पुलिस यह भी स्पष्ट करना चाहती है कि हत्या की वास्तविक वजह क्या थी, वारदात की योजना कब और कैसे बनी और घटना से पहले तथा बाद में आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क हुआ। आने वाले दिनों में रिमांड पर होने वाली पूछताछ और कॉल डिटेल की जांच से इन सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल, सुब्रत पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक तस्वीर पुलिस जांच और अदालत में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
