Howrah CBI Trap Case: केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामले में मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित एक होटल में कथित तौर पर 4 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित रेलवे के Research Designs and Standards Organisation (RDSO) के दो वरिष्ठ अधिकारी और एक निजी कंपनी के दो प्रतिनिधि शामिल हैं।
सीबीआई के मुताबिक, यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर दर्ज मामले की जांच के दौरान की गई। एजेंसी का आरोप है कि RDSO के दोनों अधिकारियों ने निजी कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ कथित साजिश के तहत कंपनी के कारखाने की प्लांट और मशीनरी से जुड़ी निरीक्षण रिपोर्ट को अनुकूल तरीके से जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
होटल में पहले से तैयार था CBI का ट्रैप
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की योजना बनाई। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों के बीच कथित मिलीभगत के जरिए निजी कंपनी से अनुचित आर्थिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही थी।
इसी जानकारी के आधार पर सीबीआई ने ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया। मंगलवार को हावड़ा के एक होटल में कार्रवाई के दौरान चारों आरोपियों को कथित तौर पर 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार चार आरोपियों में RDSO के दो अधिकारी
सीबीआई की कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए लोगों में RDSO के एक डिप्टी डायरेक्टर और एक सीनियर सेक्शन इंजीनियर शामिल हैं। इनके अलावा निजी कंपनी से जुड़े दो प्रतिनिधियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि RDSO अधिकारियों और निजी कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच कथित सांठगांठ के जरिए निरीक्षण प्रक्रिया को प्रभावित करने और कंपनी के पक्ष में रिपोर्ट जारी कराने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी।
हालांकि, आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
4 लाख की रिश्वत के अलावा 4.73 लाख रुपये नकद बरामद
CBI के ट्रैप ऑपरेशन के दौरान सिर्फ कथित रिश्वत की रकम ही नहीं, बल्कि मौके से 4.73 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। एजेंसी ने इस नकदी को जब्त कर लिया है।
इस तरह ट्रैप कार्रवाई के दौरान रिश्वत की कथित रकम 4 लाख रुपये के अलावा अलग से मिली 4.73 लाख रुपये की नकदी भी जांच का हिस्सा बन गई है। सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि अतिरिक्त नकदी का इस मामले से क्या संबंध है और वह किसकी थी।
कोलकाता, लखनऊ और बिहार में भी छापेमारी
चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया। एजेंसी ने कोलकाता, लखनऊ और बिहार में आरोपियों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।
जांच के दौरान आरोपियों के कार्यालयों और आवासीय परिसरों की भी तलाशी ली गई। सीबीआई के अनुसार, इन तलाशी अभियानों में मामले से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
अब जांच एजेंसी इन दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित रिश्वतखोरी में कौन-कौन लोग जुड़े थे और पूरी प्रक्रिया किस तरह संचालित की जा रही थी।
प्लांट और मशीनरी निरीक्षण रिपोर्ट से जुड़ा है मामला
पूरी कार्रवाई की अहम कड़ी RDSO की ओर से किए जाने वाले प्लांट और मशीनरी निरीक्षण से जुड़ी बताई जा रही है। सीबीआई के अनुसार, निजी कंपनी के प्रतिनिधियों को कथित तौर पर अनुकूल निरीक्षण रिपोर्ट दिलाने के लिए RDSO के अधिकारियों ने रिश्वत की मांग की थी।
एजेंसी ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज किया और फिर आरोपियों के बीच होने वाली कथित रिश्वत की लेन-देन को पकड़ने के लिए ट्रैप ऑपरेशन किया।
इस कार्रवाई के बाद अब सीबीआई यह भी जांच कर रही है कि कथित रिश्वत की मांग कब की गई, रकम तय करने में किसकी भूमिका थी और निरीक्षण रिपोर्ट को लेकर आरोपियों के बीच किस तरह की बातचीत हुई।
गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश करेगी CBI
गिरफ्तारी और तलाशी की कार्रवाई के बाद सीबीआई अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
जांच एजेंसी बरामद नकदी, दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। फिलहाल सीबीआई की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।
CBI की कार्रवाई से रेलवे विभाग में हड़कंप
RDSO के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ हुई इस कार्रवाई ने रेलवे से जुड़े महकमे में भी ध्यान खींचा है। हालांकि, इस मामले में आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी बाकी है। CBI की जांच का उद्देश्य कथित रिश्वतखोरी और उससे जुड़े नेटवर्क की पूरी जानकारी सामने लाना है।
फिलहाल मामले में चार लोगों की गिरफ्तारी, 4 लाख रुपये की कथित रिश्वत की बरामदगी और अतिरिक्त 4.73 लाख रुपये नकद जब्ती के साथ कोलकाता, लखनऊ और बिहार में हुई तलाशी कार्रवाई जांच के प्रमुख बिंदु हैं।
