सहारनपुर मस्जिद विवाद पर अखिलेश यादव का बड़ा हमला, बोले- ‘अगली कोर्ट में न्याय न मिल जाए, इसलिए चलवाया बुलडोजर’

Akhilesh Yadav on Saharanpur Mosque Row: सहारनपुर में कलेक्टरेट परिसर में स्थित कथित अवैध मस्जिद को बुलडोजर से हटाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई को लेकर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने सरकार के इशारे पर यह कार्रवाई की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुस्लिम पक्ष को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में न्याय मांगने का अवसर नहीं मिलना चाहिए था?

‘सच्चा सनातनी दूसरे धर्म की आस्था का सम्मान करता है’

अखिलेश यादव ने सहारनपुर की घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो व्यक्ति दूसरे धर्म और उसकी आस्था का सम्मान नहीं करता, उसे सच्चा सनातनी नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में दूसरे की आस्था का अपमान करना नहीं, बल्कि सम्मान और सौहार्द की भावना रखना सिखाया गया है।

सपा प्रमुख ने कहा कि एक सच्चा हिंदू कभी किसी दूसरे व्यक्ति या धर्म का अपमान नहीं कर सकता। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की सोच ही भारतीय संस्कृति की मूल भावना है। उनके मुताबिक समाज में भाईचारा और सौहार्द बनाए रखना सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है।

‘क्या सुप्रीम कोर्ट में न्याय नहीं मिल सकता था?’

सहारनपुर में मस्जिद पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर अखिलेश यादव ने न्यायिक प्रक्रिया का सवाल भी उठाया। उन्होंने पूछा कि यदि मुस्लिम समुदाय से जुड़ा कोई पक्ष इस कार्रवाई से असहमत था तो क्या उसे हाईकोर्ट में न्याय मांगने का अधिकार नहीं था? क्या वह आगे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटा सकता था?

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कार्रवाई इस तरह की गई कि संबंधित पक्ष को आगे की अदालत में राहत या न्याय मिलने का अवसर ही न मिले। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने सरकार के इशारे पर कार्रवाई की है। हालांकि, ये सभी आरोप अखिलेश यादव के राजनीतिक बयान हैं और इन पर सरकार या प्रशासन का पक्ष अलग हो सकता है।

‘रामधन की चोरी के आरोपों से घबराए हुए हैं’

अखिलेश यादव ने अपने बयान में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग आस्था के नाम पर जमा धन में कथित चोरी के आरोपों और SIT की कार्रवाई से घबराए हुए हैं और इसी वजह से पूरे मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि जनता अब ऐसे मामलों को समझ रही है और लोगों के सामने सच्चाई धीरे-धीरे सामने आ रही है। अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि चढ़ावे से जुड़े मामलों में कार्रवाई और जांच के बाद कुछ लोगों पर दबाव बढ़ा है।

बीजेपी के चंदे को लेकर भी अखिलेश का दावा

सपा अध्यक्ष ने बीजेपी के राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने अपने शुरुआती दौर में मुस्लिम समाज से भी बड़ी मात्रा में चंदा लिया था। अखिलेश यादव ने कहा कि उस समय पार्टी ने खुद को सेक्युलर दिखाने की कोशिश की थी और इसके लिए मुस्लिम व्यक्ति को प्रस्तावक बनाए जाने का भी उल्लेख किया।

अखिलेश यादव ने कहा कि आज जिस तरह धार्मिक मुद्दों को लेकर राजनीति की जा रही है, उसे जनता को समझने की जरूरत है।

‘लाल बिल्डिंग बेचने से ज्यादा कमाई पार्किंग से हो सकती थी’

सहारनपुर मामले के साथ-साथ अखिलेश यादव ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने लाल बिल्डिंग को लेकर सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस इमारत को भ्रष्टाचार की इमारत बताया गया, उसे जिस कीमत पर बेचा गया, उनके मुताबिक उतनी रकम तो पार्किंग से भी हासिल की जा सकती थी।

उन्होंने अधिकारियों पर तंज कसते हुए दावा किया कि इस कार्रवाई से जुड़े अधिकारी पहले गोरखपुर में नौकरी कर चुके हैं और वहीं से इस तरह की कार्यप्रणाली सीखकर आए हैं। अखिलेश यादव ने इसे लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि जनता अब पूरे मामले को समझ रही है।

‘बदलाव के लिए अब सिर्फ 100 दिन’

अखिलेश यादव ने अपने बयान में उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जनता अब सब कुछ समझ चुकी है और बदलाव के लिए अब केवल 100 दिन बचे हैं। उनके इस बयान को आगामी राजनीतिक समीकरणों और सरकार के खिलाफ सपा के अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है।

शिक्षक दिवस पर शिक्षा और शिक्षकों के सम्मान की बात

पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने शिक्षक दिवस का भी जिक्र किया। उन्होंने देश के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन करते हुए कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर समाज को शिक्षा और शिक्षकों के सम्मान का संकल्प लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य केवल राजनीतिक नारों या जुमलों से पूरा नहीं होगा। इसके लिए शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों पर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी रूढ़िवादी, सामंतवादी और एकरंगी सोच के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

सहारनपुर विवाद ने बढ़ाई सियासी गर्मी

सहारनपुर में कलेक्टरेट परिसर स्थित कथित अवैध मस्जिद को हटाए जाने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। विपक्षी दल जहां प्रशासन की कार्रवाई और उसके तरीके पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं मामले को लेकर सरकार और प्रशासन का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। इसी बीच अखिलेश यादव के बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस विवाद को और चर्चा में ला दिया है।

फिलहाल सहारनपुर मस्जिद विवाद को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। अखिलेश यादव ने जहां कार्रवाई को लेकर न्यायिक प्रक्रिया और सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं, वहीं इस पूरे विवाद का कानूनी और प्रशासनिक पक्ष आगे की कार्रवाई और संबंधित संस्थाओं के निर्णयों से स्पष्ट होगा।

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