रामगढ़ : रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में मंगलवार को भावनाओं, सम्मान और विकास का अनूठा संगम देखने को मिला। झारखंड आंदोलन के पुरोधा और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर उनके पैतृक गांव में आयोजित भव्य कार्यक्रम में उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर हजारों लोगों ने दिशोम गुरु को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके संघर्ष और विचारों को याद किया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्य सरकार के कई मंत्री, विधायक और विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जीवन झारखंड की पहचान, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई का प्रेरणास्रोत रहा है। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन का संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

दिशोम गुरु की प्रतिमा बनी श्रद्धा और प्रेरणा का प्रतीक
नेमरा में स्थापित शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। प्रतिमा के समक्ष बड़ी संख्या में लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दिशोम गुरु के बताए मार्ग पर चलने और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।

₹5 करोड़ की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
श्रद्धांजलि समारोह के साथ आयोजित विकास मेले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने करीब 5 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण विकास को गति देना और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।

श्रद्धांजलि के साथ विकास का भी दिया गया संदेश
नेमरा में आयोजित यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विकास और जनकल्याण के संकल्प का भी संदेश देता नजर आया। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया और झारखंड के विकास में सहभागी बनने का संकल्प दोहराया।
