Punjab Congress News: पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पार्टी हाईकमान की ओर से नेतृत्व में बदलाव का फैसला किए जाने के बाद वडिंग ने इस्तीफा दिया। अब उनकी जगह नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
24 से 48 घंटे में नए प्रदेश अध्यक्ष के ऐलान की चर्चा
राजा वडिंग के इस्तीफे के बाद कांग्रेस की पंजाब इकाई की कमान किस नेता को सौंपी जाएगी, इस पर सबकी नजर है। रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी अगले 24 से 48 घंटे के भीतर नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर सकती है। पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला, जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं।
विजय इंदर सिंगला का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में
नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए पूर्व मंत्री और सांसद विजय इंदर सिंगला का नाम प्रमुखता से सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों में उन्हें इस पद की दौड़ में आगे बताया गया है। सिंगला कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य भी हैं और जुलाई 2026 में उन्हें पार्टी की चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति का अध्यक्ष बनाया गया था।
हालांकि, अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान की ओर से किया जाना है। परगट सिंह और सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम भी संभावित दावेदारों के तौर पर लगातार सामने आ रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में गुरजीत सिंह औजला, सुखबिंदर सिंह सरकारिया और अन्य वरिष्ठ नेताओं के नामों का भी उल्लेख किया गया है।
सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद बढ़ी हलचल
राजा वडिंग के नेतृत्व में बदलाव की चर्चा के बीच पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट की भूमिका भी महत्वपूर्ण बताई जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, पायलट ने पंजाब कांग्रेस के नेताओं और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों से मुलाकात कर पार्टी की स्थिति और अंदरूनी मतभेदों को लेकर फीडबैक लिया था। इसके बाद हाईकमान के सामने संगठन की स्थिति पर रिपोर्ट रखे जाने की बात सामने आई।
कांग्रेस के भीतर पिछले कुछ समय से प्रदेश संगठन में गुटीय मतभेदों की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। पार्टी नेतृत्व अब पंजाब में संगठन को चुनाव से पहले नए सिरे से व्यवस्थित करने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है।
वडिंग और चन्नी खेमे के बीच मतभेद की चर्चा
राजा वडिंग के नेतृत्व को लेकर पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से अलग-अलग नेताओं की राय सामने आती रही है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और वडिंग के बीच राजनीतिक मतभेदों की खबरें भी कई बार सामने आईं। जुलाई 2026 में वडिंग ने हालांकि पार्टी में किसी बड़े मतभेद की अटकलों को खारिज करते हुए कहा था कि वरिष्ठ नेता एकजुट होकर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे हैं।
बाद के घटनाक्रम में पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की मांग और संगठनात्मक बदलाव की चर्चा फिर तेज हुई। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हाईकमान ने पंजाब में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बदलने का फैसला किया और इस प्रक्रिया में पार्टी नेताओं से मिले फीडबैक को भी महत्व दिया गया।
क्या नए अध्यक्ष के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधेगी कांग्रेस?
पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष के चयन में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। विजय इंदर सिंगला के नाम की चर्चा के साथ पार्टी के सामने अलग-अलग समुदायों और क्षेत्रों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती भी है। मीडिया रिपोर्टों में इस पहलू को संभावित नेतृत्व चयन से जोड़कर देखा गया है।
दूसरी ओर, परगट सिंह, सुखजिंदर सिंह रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी और अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी अलग-अलग रिपोर्टों में सामने आए हैं। ऐसे में अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए अहम बदलाव
राजा वडिंग ने अप्रैल 2022 में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का पद संभाला था। अब उनके इस्तीफे के बाद पार्टी को नया प्रदेश अध्यक्ष चुनना है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं।
नए अध्यक्ष के सामने संगठन को मजबूत करने, अलग-अलग नेताओं और गुटों के बीच समन्वय बनाने तथा चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने जैसी कई जिम्मेदारियां होंगी। फिलहाल कांग्रेस की ओर से नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की औपचारिक घोषणा का इंतजार है।
