पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राज्य के साल्ट लेक इलाके में स्थित एक तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यालय से 100 से अधिक आधार कार्ड और सरकारी जमीन की कथित अवैध खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

TMC कार्यालय से मिले आधार कार्ड
यह मामला बिधाननगर नगर निगम के वार्ड नंबर 36 के अंतर्गत बसंती देवी कॉलोनी का बताया जा रहा है, जहां टीएमसी का एक स्थानीय पार्टी कार्यालय मौजूद है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पार्टी कार्यालय के अंदर बड़ी संख्या में आधार कार्ड रखे हुए थे।
सूचना मिलने के बाद इलाके के लोग मौके पर पहुंचे और बरामद सामान को सुरक्षित रखने की कोशिश की। बाद में इस मामले की जानकारी बिधाननगर दक्षिण पुलिस थाने को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आधार कार्डों को जब्त कर लिया।
स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर आरोप
स्थानीय निवासियों का दावा है कि बरामद किए गए आधार कार्ड इलाके के लोगों के ही हैं। लोगों के मुताबिक, आधार कार्ड बनवाने के दौरान कई बार पार्टी कार्यालय का पता इस्तेमाल किया जाता था और कार्ड वहीं मंगवाए जाते थे।
आरोप यह भी है कि जब लोग अपना आधार कार्ड लेने पहुंचते थे, तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता था कि कार्ड अभी तक नहीं आया है। बताया जा रहा है कि 4 मई को स्थानीय लोगों ने इस पार्टी कार्यालय में ताला लगा दिया था। बाद में जब ताला खोला गया, तब अंदर से आधार कार्ड और कई दस्तावेज बरामद हुए।
फर्जी आधार और घुसपैठ के मुद्दे पर बढ़ी सियासत
पश्चिम बंगाल में पहले से ही घुसपैठ और फर्जी आधार कार्ड का मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा विषय रहा है। ऐसे में अब एक राजनीतिक दल के कार्यालय से इतनी बड़ी संख्या में आधार कार्ड मिलने के बाद विपक्ष को सरकार पर हमला करने का नया मुद्दा मिल गया है।
इसके अलावा, सरकारी जमीन की कथित अवैध खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज मिलने की खबर ने भी मामले को और गंभीर बना दिया है। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं।
बीजेपी कार्यकर्ता से मारपीट के आरोप में TMC पार्षद गिरफ्तार
इसी बीच, पश्चिम बंगाल में एक और राजनीतिक विवाद सामने आया है। बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट और बदसलूकी के आरोप में टीएमसी पार्षद राजू पारुई को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, 26 अप्रैल को हुगली जिले के बैद्यबाटी इलाके में बीजेपी कार्यकर्ता घर-घर जाकर प्रचार कर रहे थे। आरोप है कि उसी दौरान टीएमसी पार्षद राजू पारुई वहां पहुंचे और बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की।
इस मामले में बीजेपी कार्यकर्ता स्नेहांशु महंत ने श्रीरामपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पार्षद को गिरफ्तार कर लिया।
बढ़ सकती हैं राजनीतिक मुश्किलें
TMC कार्यालय से आधार कार्ड और जमीन से जुड़े दस्तावेज मिलने के बाद विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा बंगाल की राजनीति में और बड़ा रूप ले सकता है, खासकर तब जब राज्य में पहले से कानून व्यवस्था और फर्जी दस्तावेजों को लेकर बहस जारी है।
