भरत तिवारी एनकाउंटर मामला: 50 लाख के दावे पर भड़का परिवार, प्रशांत किशोर को 15 दिन का अल्टीमेटम, मानहानि केस की चेतावनी

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस बार विवाद की वजह जन सुराज के प्रमुख और बांकीपुर से नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर का वह दावा बना है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि भरत तिवारी के परिवार को सरकार की ओर से 50 लाख रुपये का अनुदान मिल चुका है। इस दावे के बाद अब भरत तिवारी के परिवार ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है और आरोपों को पूरी तरह झूठा बताते हुए प्रशांत किशोर से सार्वजनिक माफी की मांग की है। परिवार ने साफ कर दिया है कि यदि 15 दिनों के भीतर आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य पेश नहीं किया गया तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।

भरत तिवारी की मां ने दावे को बताया पूरी तरह बेबुनियाद

भोजपुर के बिलौटी गांव में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा कि उनके परिवार को किसी भी प्रकार का 50 लाख रुपये का सरकारी अनुदान नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यदि इतनी बड़ी राशि वास्तव में मिली होती तो यह बात किसी से छिपी नहीं रहती। इसकी जानकारी केवल बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश में होती। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी प्रमाण के इस तरह का बयान देकर उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।

सम्राट चौधरी से मुलाकात का मकसद क्या था?

आशा देवी ने बताया कि हाल ही में उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात का उद्देश्य आर्थिक सहायता लेना नहीं, बल्कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करना था। उनके अनुसार मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद प्रशासनिक स्तर पर कुछ सकारात्मक कदम उठाए गए, जिनमें जगदीशपुर के एसडीएम को हटाया जाना और आरोपी अक्षय कुमार की गिरफ्तारी शामिल है।

प्रशांत किशोर पर वादा पूरा नहीं करने का आरोप

आशा देवी ने कहा कि प्रशांत किशोर ने पहले उनके परिवार को भरोसा दिलाया था कि 15 दिनों के भीतर उन्हें न्याय मिलेगा। लेकिन बाद में वह अपने वादे से पीछे हट गए। अब वही व्यक्ति परिवार पर झूठे आरोप लगाकर एक मां के दर्द को और बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान न केवल भ्रामक हैं बल्कि परिवार की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

बैंक खातों की जांच कराने की खुली चुनौती

भरत तिवारी की मां ने कहा कि यदि प्रशांत किशोर अपने आरोपों पर कायम हैं तो परिवार के सभी सदस्यों और रिश्तेदारों के बैंक खातों की जांच करवा लें। यदि किसी भी खाते में 50 लाख रुपये या उससे संबंधित कोई सरकारी राशि मिलने का प्रमाण मिलता है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। लेकिन यदि ऐसा कोई सबूत नहीं है तो प्रशांत किशोर को 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

15 दिन में माफी नहीं तो होगा मानहानि का केस

परिवार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य पेश नहीं किया गया और माफी नहीं मांगी गई तो प्रशांत किशोर के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। इस बयान के बाद भरत तिवारी एनकाउंटर मामला एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी बहस का केंद्र बन गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशांत किशोर अपने दावे के समर्थन में कोई प्रमाण पेश करते हैं या फिर परिवार कानूनी कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ता है।

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