बिहार : बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्रों और कार्यरत शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। विभाग की ओर से जारी नए आदेश के अनुसार अब राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में शनिवार को केवल आधे दिन की पढ़ाई होगी। इसके साथ ही शिक्षकों के ऐच्छिक ट्रांसफर, लंबित समस्याओं के समाधान और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर भी कई अहम घोषणाएं की गई हैं। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इन फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
शनिवार को सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक खुलेंगे स्कूल
शिक्षा विभाग के नए आदेश के मुताबिक अब बिहार के सभी सरकारी स्कूल शनिवार को सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक ही संचालित होंगे। निर्धारित समय तक कक्षाएं चलने के बाद छात्रों और शिक्षकों की छुट्टी कर दी जाएगी। यह व्यवस्था राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में लागू होगी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।
शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों की समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि विभाग शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 31 अक्टूबर तक शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षकों की कार्य संबंधी परेशानियों का भी समयबद्ध समाधान करना है।
ट्रांसफर के लिए नहीं कर सके आवेदन, अब मिलेगा दूसरा अवसर
शिक्षकों के ऐच्छिक स्थानांतरण (ट्रांसफर) को लेकर भी विभाग ने राहत भरी घोषणा की है। शिक्षा मंत्री के अनुसार, कुल 1,06,287 शिक्षकों को ट्रांसफर के लिए आवेदन करना था, जिनमें से अब तक 73,151 शिक्षकों ने आवेदन किया है। जो शिक्षक किसी कारणवश आवेदन नहीं कर पाए, उन्हें 17 सितंबर से दोबारा आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह ट्रांसफर पांच वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा।
9 और 10 अगस्त को होगा दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’
राज्य की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग 9 और 10 अगस्त को दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ का आयोजन करेगा। इस कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े करीब 350 से 400 विशेषज्ञ, अधिकारी और अन्य प्रमुख प्रतिनिधि भाग लेंगे। शिविर के दौरान स्कूल शिक्षा, शिक्षण गुणवत्ता, प्रशासनिक सुधार और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी, ताकि शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाया जा सके।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में लगातार उठ रहे कदम
शिक्षा विभाग का कहना है कि स्कूलों के संचालन, शिक्षकों के स्थानांतरण और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार को लेकर लगातार नई पहल की जा रही है। शनिवार को हाफ-डे लागू करने, ट्रांसफर प्रक्रिया को आसान बनाने और चिंतन शिविर के आयोजन जैसे फैसलों को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
