‘मिठ्ठू’ के जाने से उजड़ गए मां-बाप के सपने! 16 वर्षीय छात्र की मौत के बाद स्कूल के बाहर फूटा गुस्सा, प्रिंसिपल हिरासत में

हमीरपुर/सुजानपुर: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में 16 वर्षीय छात्र अनि उर्फ ‘मिठ्ठू’ की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र का शव सुजानपुर के पटलांदर स्थित किराये के कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद मिले कथित सुसाइड नोट में स्कूल प्रबंधन और कुछ शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसके बाद परिजनों, ग्रामीणों और अभिभावकों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने स्कूल प्रिंसिपल को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।

इकलौते बेटे की मौत से टूट गया परिवार

अनि अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। परिवार ने उसके भविष्य को लेकर कई सपने संजो रखे थे। पिता चाहते थे कि बेटा सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करे। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, पिता-पुत्र के बीच गहरा लगाव था और दोनों अक्सर पढ़ाई, करियर और भविष्य को लेकर लंबी बातचीत किया करते थे।

घटना वाली रात परिवार का माहौल सामान्य था। बताया जा रहा है कि छात्र ने अपने माता-पिता के साथ खाना खाया और सामान्य बातचीत भी की। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ घंटों बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ेगा।

रात में मां की खुली आंख, सामने था दर्दनाक दृश्य

जानकारी के अनुसार, देर रात करीब एक बजे छात्र की मां की नींद खुली। कमरे में बेटे को उस हालत में देखकर वह बदहवास हो गईं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस व डॉक्टर को सूचना दी गई। हालांकि तब तक छात्र की मौत हो चुकी थी।

घटना के बाद से परिवार गहरे सदमे में है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।

जेब से मिला कथित सुसाइड नोट, स्कूल स्टाफ पर लगाए आरोप

पुलिस जांच के दौरान छात्र की जेब से एक कथित सुसाइड नोट बरामद किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नोट में स्कूल प्रबंधन और कुछ शिक्षकों पर प्रताड़ित करने तथा मारपीट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

इसी कथित नोट के सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया और स्थानीय लोगों के बीच आक्रोश बढ़ गया। पुलिस अब नोट की सत्यता, उसमें लिखी बातों और उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

स्कूल के बाहर प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग

छात्र की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक और परिजन स्कूल परिसर के बाहर एकत्र हो गए। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

कई लोगों ने स्कूल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।

पुलिस ने प्रिंसिपल को लिया हिरासत में

बढ़ते तनाव और विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस ने त्वरित कदम उठाते हुए स्कूल प्रिंसिपल को हिरासत में लिया और आगे की पूछताछ के लिए संबंधित थाना पुलिस को सौंप दिया।

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच जारी है और सभी आरोपों की निष्पक्ष तरीके से पड़ताल की जा रही है। अब तक अन्य किसी स्टाफ सदस्य को हिरासत में नहीं लिया गया है।

मानसिक तनाव के संकेतों को समझना जरूरी

इस घटना के बाद मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव, तनाव, अकेलापन या उदासी जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

मनोचिकित्सकों के अनुसार, अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों के साथ लगातार संवाद बनाए रखना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की मानसिक परेशानी को समय रहते समझा जा सके और उचित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और दर्ज प्राथमिकी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां कथित सुसाइड नोट, स्कूल प्रशासन की भूमिका, छात्र के हालिया व्यवहार और अन्य परिस्थितियों की गहन पड़ताल कर रही हैं।

फिलहाल पूरे मामले पर सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस दुखद घटना के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और आगे किस प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।

Share:
Copied!