खेत की जुताई के दौरान निकला 30 किलो का रहस्यमयी विस्फोटक, चाईबासा के गांव में मचा हड़कंप; सेना की विशेषज्ञ टीम कर सकती है निष्क्रिय

पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड स्थित सोनपोखरी गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब खेत की जुताई के दौरान जमीन के भीतर दबा करीब 30 किलो वजनी विस्फोटक बरामद हुआ। वर्षों से मिट्टी के नीचे दबा यह खतरनाक विस्फोटक सामने आते ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तत्काल हरकत में आ गईं और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।

खेत में हल चलाते समय हुआ चौंकाने वाला खुलासा

जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह एक किसान अपने खेत की जुताई कर रहा था। इसी दौरान हल किसी भारी धातु जैसी वस्तु से टकराया। शुरुआत में किसान को कुछ असामान्य लगा, जिसके बाद आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी गई। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस को सूचना दी गई और जांच शुरू की गई।

सुरक्षा एजेंसियां हुईं अलर्ट, इलाके की घेराबंदी

मौके पर पहुंची पुलिस ने एहतियात के तौर पर खेत और आसपास के क्षेत्र को तत्काल खाली कराया। ग्रामीणों की आवाजाही सीमित कर दी गई और लोगों को बरामद वस्तु से दूर रहने की चेतावनी दी गई। विस्फोटक होने की आशंका के चलते पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई।

सीआरपीएफ के बम निरोधक दस्ते ने संभाला मोर्चा

मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद सीआरपीएफ की 134वीं बटालियन का बम निरोधक दस्ता घटनास्थल पर पहुंचा। विशेषज्ञों ने बेहद सावधानी के साथ विस्फोटक को खेत से निकालकर लगभग 200 मीटर दूर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। बाद में तालाब के समीप एक सुरक्षित गड्ढा बनाकर उसे संरक्षित रखा गया ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

जांच में जुटीं एजेंसियां, स्रोत का लगाया जा रहा पता

प्रारंभिक जांच में बरामद सामग्री को अत्यंत शक्तिशाली विस्फोटक माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इसकी बनावट, क्षमता और उत्पत्ति की जांच कर रही हैं। अधिकारियों को आशंका है कि यह विस्फोटक काफी पुराना हो सकता है और लंबे समय से जमीन के भीतर दबा हुआ था। फिलहाल इसके इतिहास और उपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

सेना की विशेषज्ञ टीम की मदद लेने की तैयारी

सूत्रों के अनुसार विस्फोटक को पूरी तरह निष्क्रिय करने के लिए सेना की विशेषज्ञ टीम की सहायता ली जा सकती है। बम निरोधक दस्ता तकनीकी परीक्षण कर रहा है और सुरक्षित निस्तारण की रणनीति तैयार कर रहा है। आवश्यकता पड़ने पर सेना को औपचारिक रूप से बुलाया जाएगा ताकि विस्फोटक को बिना किसी जोखिम के निष्क्रिय किया जा सके।

गांव में दिनभर चर्चा का विषय बनी घटना

सोनपोखरी गांव और आसपास के क्षेत्रों में यह घटना पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही। खेत की सामान्य जुताई के दौरान इतने बड़े विस्फोटक का मिलना ग्रामीणों के लिए किसी बड़े रहस्य से कम नहीं है। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर यह विस्फोटक जमीन के भीतर कब और कैसे पहुंचा। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां मामले की हर पहलू से जांच कर रही हैं और इलाके की निगरानी जारी है।

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