मेट्रो किराए में मिलेगी वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों को रियायत, सरकार करेगी सिफारिश

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने कहा है कि वह मेट्रो ट्रेनों में वरिष्ठ नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए किराए में रियायत के पक्ष में है और वे इसके लिए सिफारिश करेगी। आवसीय एवं शहरी कार्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को लोकसभा में प्रश्नकाल में बताया कि दिल्ली मेट्रो की अगली किराया निर्धारण समिति का जब गठन किया जाएगा तो केंद्र सरकार वरिष्ठ नागरिकों और छात्रों के लिए किराए में रियायत की सिफारिश करेगी।

उन्होंने कहा कि मुंबई मेट्रो के किराए के मामले में उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप की वजह से सरकार उसके बारे में कुछ नहीं कर सकती। केंद्र सरकार के सहयोग से अन्य शहरों में चलने वाली मेट्रो ट्रेनों में वह दोनों श्रेणियों में किराए में रियायत के पक्ष में है। पुरी ने बताया कि दिल्ली मेट्रो की किराया निर्धारण समिति ने सितंबर 2016 की अपनी रिपोर्ट में कहा था कि उसने वरिष्ठ नागरिकों और छात्रों के लिए किराए में रियायत पर विचार किया था।

लेकिन अभी दिल्ली मेट्रो तकनीकी रूप से इसके लिए तैयार नहीं है। बीजू जनता दल के बलभद्र मांझी द्वारा कोलकाता मेट्रो में पहले से दी जा रही छूट की ओर ध्यान आकृष्ट किये जाने और इसे अन्य शहरों के मेट्रो में भी लागू करने की मांग के बारे में पुरी ने कहा कि कोलकता मेट्रो का ढांचा अन्य मेट्रो से अलग है। उसका संचालन और किराया निर्धारण भारतीय रेल द्वारा किया जाता है जबकि अन्य मेट्रो के किराए किराया निर्धारण समिति तय करती है।

लिखित प्रश्न के उत्तर में पुरी ने बताया कि दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, कोच्चि, लखनऊ, हैदराबाद, जयपुर और मुंबई मेट्रो (लाइन-1) और गुडग़ांव के मेट्रो रेल प्रशासनों ने बताया है कि वरिष्ठ नागरिकों तथा छात्रों के लिए विशेष रियायत की कोई योजना नहीं है। उन्होंने बताया कि कोलकाता मेट्रो में स्कूलों, मदरसों या वोकोशनल संस्थानों के 12वीं इसके इसकी समकक्षा कक्षा तक के छात्रों को किराए में 60 प्रतिशत रियायत दी जा रही है।

Share:
Copied!