यूके के स्टोनहेंज से कमतर नहीं झारखण्ड के मेगालीथहजारीबाग जिले के पकरी बरवाडीह में स्थित मेगालीथ सूर्य की गति और इक्वीनॉक्स से जुड़े हैं, जो झारखण्ड के प्रागैतिहासिक महत्व को वैश्विक इतिहास में स्थापित करते हैं

यूके के स्टोनहेंज से कमतर नहीं झारखण्ड के मेगालीथहजारीबाग जिले के पकरी बरवाडीह में स्थित मेगालीथ सूर्य की गति और इक्वीनॉक्स से जुड़े हैं, जो झारखण्ड के प्रागैतिहासिक महत्व को वैश्विक इतिहास में स्थापित करते हैं

यूके के स्टोनहेंज से कमतर नहीं झारखण्ड के मेगालीथ
हजारीबाग जिले के पकरी बरवाडीह में स्थित मेगालीथ सूर्य की गति और इक्वीनॉक्स से जुड़े हैं, जो झारखण्ड के प्रागैतिहासिक महत्व को वैश्विक इतिहास में स्थापित करते हैं। इन संरचनाओं की तुलना यूनाइटेड किंगडम के प्रसिद्ध स्टोनहेंज जैसे स्थलों से की जा सकती है।
इस्को के शैल चित्र, सोहराय और कोहबर पेंटिंग्स की निरंतर परंपरा तथा मंडरो के जीवाश्मयुक्त भू-दृश्य एक ऐसे दुर्लभ क्षेत्र का निर्माण करते हैं, जहां प्राचीन काल और जीवंत मानव संस्कृति आज भी एक साथ सह-अस्तित्व में दिखाई देती है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड दावोस और यूनाइटेड किंगडम में अपने आर्थिक विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का भी सशक्त संदेश दे रहा है। यह स्पष्ट करता है कि किसी भी राज्य का दीर्घकालिक विकास उसकी सांस्कृतिक निरंतरता और अतीत के सम्मान से जुड़ा होता है।
पाषाण युग से लेकर आधुनिक युग तक अपनी समृद्ध विरासत को संजोए हुए झारखण्ड आज देश की अर्थव्यवस्था और विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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