कांग्रेस 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में, सपा के संभावित सीट शेयरिंग फॉर्मूले से बढ़ी गठबंधन की चर्चा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं। गठबंधन के स्तर पर अभी अंतिम सीट शेयरिंग फॉर्मूला सामने नहीं आया है, लेकिन समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच संभावित सीट बंटवारे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी कांग्रेस को 53 से 55 विधानसभा सीटें देने का प्रस्ताव कर रही है, जबकि खुद करीब 350 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है।
दूसरी ओर, कांग्रेस की ओर से उत्तर प्रदेश में कम से कम 150 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा सार्वजनिक रूप से जताई गई है। ऐसे में दोनों दलों की सीटों को लेकर प्राथमिकताएं फिलहाल अलग-अलग दिखाई दे रही हैं।
जीत के आधार पर सीट बंटवारे पर सपा का फोकस
सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी सीट शेयरिंग में पिछले चुनावी प्रदर्शन और संबंधित क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति को आधार बनाने पर जोर दे रही है। इसी फॉर्मूले के तहत कांग्रेस को 53 से 55 सीटों का प्रस्ताव दिए जाने की बात कही जा रही है।
बताया जा रहा है कि सपा उन विधानसभा क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है, जहां पार्टी खुद को मजबूत मानती है। पार्टी की रणनीति के मुताबिक गठबंधन में सीटों का बंटवारा केवल संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि चुनावी प्रदर्शन और संबंधित सीटों की स्थिति को ध्यान में रखकर किए जाने की चर्चा है।
2024 लोकसभा चुनाव के आंकड़ों को बनाया जा रहा आधार
सूत्रों के मुताबिक, संभावित सीट शेयरिंग में वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के परिणामों को भी आधार बनाया जा रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में 6 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी। इन लोकसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली विधानसभा सीटों और कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर सपा की ओर से आकलन किए जाने की बात सामने आई है।
बताया गया है कि कांग्रेस जिन लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ी, वहां विधानसभा वार प्रदर्शन और जीत-हार के आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए 53 से 55 सीटों का संभावित प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसी तरह सपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में जीती गई 37 सीटों के साथ-साथ अन्य सीटों पर मिले प्रदर्शन और बढ़त को भी अपने संभावित विधानसभा सीट फॉर्मूले में शामिल किया है।
कांग्रेस की मांग 150 सीटों की, सपा के सामने अलग चुनौती
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के नेता कई मौकों पर पार्टी के लिए अधिक विधानसभा सीटों की मांग की बात कह चुके हैं। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि कांग्रेस कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस की ओर से सीट बंटवारे में सपा पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, समाजवादी पार्टी की मौजूदा रणनीति को देखते हुए इतनी बड़ी संख्या में सीटें कांग्रेस को दिए जाने की संभावना पर सहमति बनना अभी बाकी है।
सपा सांसद ने 150 सीटों की मांग पर क्या कहा?
सीट बंटवारे को लेकर सपा सांसद एसपी सिंह पटेल ने कांग्रेस की 150 सीटों की मांग पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को 150 सीटें देना पार्टी के लिए नुकसानदेह हो सकता है। यह बयान दोनों दलों के बीच संभावित सीट शेयरिंग को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सामने आया है।
हालांकि, सीटों के अंतिम बंटवारे को लेकर दोनों दलों की ओर से कोई अंतिम औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल सामने आ रही सीटों की संख्या को संभावित फॉर्मूले और सूत्रों के हवाले से कही जा रही बात के तौर पर देखा जा रहा है।
ओवैसी की डेडलाइन पर अखिलेश यादव का जवाब
गठबंधन की राजनीति के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की ओर से 2 अक्टूबर की डेडलाइन दिए जाने के सवाल पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी उस गठबंधन को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगी, जो पहले से बना हुआ था और जिसके जरिए बीजेपी को हराया गया था। उनके बयान से संकेत मिलता है कि सपा मौजूदा गठबंधन व्यवस्था को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।
अखिलेश यादव ने बागियों को भी दिया साथ आने का संदेश
अखिलेश यादव ने राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में भी राजनीतिक साथियों को एक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव का समय मिलन का समय होता है। उनका कहना था कि यदि किसी को लगता है कि लोकतंत्र और संविधान पर हमला हो रहा है, तो कड़वी बातों को पीछे छोड़कर साथ आने की इच्छा रखने वाले लोगों के साथ आगे बढ़ा जा सकता है।
अखिलेश के इस बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन और सीट बंटवारे की राजनीति पर चर्चा तेज है।
अभी अंतिम सीट शेयरिंग फॉर्मूले का इंतजार
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सपा और कांग्रेस के बीच सीटों का अंतिम समझौता अभी घोषित नहीं हुआ है। एक ओर कांग्रेस अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी और मांग का संकेत दे रही है, वहीं सपा अपने चुनावी प्रदर्शन और विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति के आधार पर सीट बंटवारे की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।
आने वाले समय में दोनों दलों के बीच बातचीत के बाद सीटों की वास्तविक संख्या और गठबंधन का अंतिम फॉर्मूला स्पष्ट होगा।
