Independence Day 2026: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया और राज्यवासियों को संबोधित किया। स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने झारखंड के युवाओं, नौकरी के अभ्यर्थियों और भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं सामने रखीं। उन्होंने कहा कि युवाओं की कड़ी मेहनत और उनके भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रश्नपत्र लीक और भ्रष्टाचार पर सीएम हेमंत सोरेन का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि नौकरी पाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों की मेहनत को प्रश्नपत्र लीक माफिया, भ्रष्टाचार या किसी भी तरह की अनियमितता की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए भर्ती एजेंसियों के माध्यम से रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब झारखंड में भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर विद्यार्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध भर्ती को लेकर बड़ी संख्या में छात्र अपनी आवाज उठा रहे हैं।

भर्ती परीक्षा में सुधार की मांग को लेकर 22वें दिन भी आंदोलन
झारखंड में भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर विद्यार्थियों का आंदोलन 22वें दिन भी जारी रहा। अभ्यर्थियों की मांग है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जाए, ताकि लंबे समय तक तैयारी करने वाले छात्रों को परीक्षा में किसी प्रकार की अनियमितता का सामना न करना पड़े।
इसी पृष्ठभूमि में स्वतंत्रता दिवस के मंच से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि सरकार उनकी मेहनत और भविष्य की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाएगी।

लाखों युवा दिन-रात कर रहे हैं मेहनत: हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में लाखों युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उनके माता-पिता भी अपनी सामर्थ्य से बढ़कर बच्चों की पढ़ाई पर खर्च कर रहे हैं। ऐसे में युवाओं की मेहनत का सम्मान करना और उनकी प्रतिभा के साथ न्याय सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जब भर्ती परीक्षाओं को लेकर सवाल उठते हैं तो इसका असर केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहता। परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने से पूरी पीढ़ी का भरोसा प्रभावित होता है। मुख्यमंत्री ने झारखंड के हर छात्र को आश्वस्त किया कि उसकी मेहनत को किसी माफिया, भ्रष्ट व्यवस्था या अनियमितता की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा।

प्रश्नपत्र लीक अब राष्ट्रीय समस्या, लेकिन झारखंड अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता
भर्ती परीक्षाओं को लेकर देशभर में सामने आ रही शिकायतों और विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक होना अब केवल किसी एक राज्य की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह राष्ट्रीय समस्या बन चुका है।
उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में जो कुछ हुआ है, उसका हवाला देकर झारखंड अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता। राज्य में भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी किसी भी कथित अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा और उसकी निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।

बिना प्रमाण किसी को दोषी नहीं ठहराया जाएगा
हेमंत सोरेन ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को बिना प्रमाण दोषी नहीं ठहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़ी प्रत्येक कथित अनियमितता की निष्पक्ष जांच होगी और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दोषी व्यक्ति का प्रभाव या पद कितना भी बड़ा क्यों न हो, यदि वह दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केवल दोषियों को पकड़ना ही समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। भविष्य में परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी रोकने के लिए पूरी प्रणाली में व्यापक सुधार करना जरूरी है।

भर्ती परीक्षा व्यवस्था में होंगे बड़े बदलाव
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण उपायों की रूपरेखा भी सामने रखी। उन्होंने समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर तैयार करने, तकनीकी रूप से सुरक्षित परीक्षा प्रणाली लागू करने, उत्तर कुंजी और ओएमआर शीट का समय पर प्रकाशन करने तथा परीक्षा प्रक्रिया में कई स्तरों पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात कही।
इन सुधारों का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और अभ्यर्थियों के बीच परीक्षा व्यवस्था को लेकर भरोसा मजबूत करना है।
‘स्टूडेंट्स वॉयस विद स्टूडेंट्स’ अभियान की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने बताया कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार ने ‘स्टूडेंट्स वॉयस विद स्टूडेंट्स’ अभियान भी शुरू किया है। इसके तहत छात्रों, शिक्षकों, शिक्षाविदों और अभिभावकों से सुझाव लिए जाएंगे।
सरकार का उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था से जुड़े उन पहलुओं की पहचान करना है, जिनमें सुधार की जरूरत है। इसके साथ ही परीक्षा प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
युवाओं के रोजगार पर सरकार का फोकस
स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में मुख्यमंत्री ने युवाओं के रोजगार के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य की भर्ती एजेंसियों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम करेगी।
ऐसे में आने वाले समय में भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर, सुरक्षित परीक्षा प्रणाली, समय पर उत्तर कुंजी और ओएमआर शीट का प्रकाशन तथा जवाबदेही की व्यवस्था युवाओं के लिए अहम साबित हो सकती है।
मोरहाबादी मैदान से युवाओं को भरोसा देने की कोशिश
रांची के मोरहाबादी मैदान में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री का संदेश केवल राष्ट्रीय पर्व तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अपने संबोधन के जरिए झारखंड के लाखों नौकरी अभ्यर्थियों और विद्यार्थियों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि सरकार उनकी मेहनत और भविष्य को लेकर गंभीर है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर घोषित उपाय कितनी तेजी से जमीन पर लागू होते हैं और लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे विद्यार्थियों को इसका कितना लाभ मिलता है।
