राम मंदिर चढ़ावा विवाद में बड़ा खुलासा! SIT ने सौंपी रिपोर्ट, 5 साल के दान का ऑडिट और ट्रस्ट सुधार की सिफारिश

PM at Shri Ram Janmbhoomi Mandir Dhwajarohan Utsav, in Ayodhya, Uttar Pradesh on November 25, 2025.

अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे और दान की व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में पिछले पांच वर्षों के चढ़ावे और दान की विस्तृत ऑडिट कराने की सिफारिश की गई है। साथ ही ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए हैं। अब इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर पर लिया जाना है।

अखिलेश यादव के आरोपों के बाद शुरू हुई जांच

राम मंदिर चढ़ावा विवाद ने उस समय राजनीतिक रंग पकड़ लिया था जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाया था। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 13 जून को तीन सदस्यीय SIT का गठन कर जांच के आदेश दिए थे। जांच टीम ने विस्तृत पड़ताल के बाद अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट अपर गृह सचिव संजय प्रसाद को सौंप दी है।

पांच वर्षों के चढ़ावे और दान की जांच की सिफारिश

सूत्रों के अनुसार, SIT ने अपनी रिपोर्ट में पिछले पांच साल के दौरान मंदिर में प्राप्त हुए चढ़ावे और दान का स्वतंत्र ऑडिट कराने का सुझाव दिया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दान प्रबंधन प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाया जाए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को समाप्त किया जा सके। जांच के दौरान टीम को ऐसे संकेत मिले हैं कि चढ़ावे से जुड़ी कुछ प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की आवश्यकता है।

दान रिकॉर्ड, नकदी गिनती और CCTV फुटेज की हुई जांच

जांच के दौरान SIT ने दान से जुड़े रिकॉर्ड, नकदी गिनने की व्यवस्था, बैंकिंग प्रक्रिया, सीसीटीवी फुटेज और अन्य मूल्यवान वस्तुओं से संबंधित दस्तावेजों की विस्तार से जांच की। टीम ने 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की, जिनमें मंदिर ट्रस्ट के सदस्य, पुजारी, बैंक अधिकारी और चढ़ावे की व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारी शामिल रहे।

सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से भी पूछताछ की गई। इसके अलावा रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव और उनके करीबी लोगों से भी कई दौर में सवाल-जवाब किए गए। जांच एजेंसियों ने पूरे नेटवर्क और चढ़ावे से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझने का प्रयास किया।

जांच के बीच ट्रस्ट और बैंक ने बदली व्यवस्था

मामले की जांच जारी रहने के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट और संबंधित बैंक ने चढ़ावे की राशि गिनने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। जानकारी के अनुसार, नकदी गिनने में लगे करीब 40 कर्मचारियों को इस जिम्मेदारी से हटाकर उनकी जगह नए कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। इस कदम को व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

200 किलो चांदी की ईंटों का मामला भी बना चर्चा का विषय

इस पूरे विवाद के बीच सिंधी समाज द्वारा उठाया गया एक मुद्दा भी चर्चा में है। समाज के प्रतिनिधियों का दावा है कि वर्ष 2021 में राम मंदिर निर्माण के लिए लगभग 200 किलो चांदी की ईंटें दान की गई थीं, लेकिन उन्हें अब तक इसकी आधिकारिक रसीद उपलब्ध नहीं कराई गई। इस दावे के सामने आने के बाद दान प्रबंधन और रिकॉर्ड प्रणाली को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

अब मुख्यमंत्री के फैसले पर टिकी हैं निगाहें

SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार तक पहुंच चुकी है और अब सभी की नजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अगले कदम पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई और संभावित सुधारों को लेकर निर्णय ले सकती है। आने वाले दिनों में इस मामले पर सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Share:
Copied!