पुणे: महाराष्ट्र के पुणे में रियल एस्टेट कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल की मौत का मामला हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे कर रहा है। शुरुआत में जिस घटना को एक दर्दनाक हादसा माना गया था, वह अब कथित तौर पर एक सुनियोजित हत्या की कहानी बनकर सामने आ रही है। जांच में सामने आए तथ्यों ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन बाबूलाल चौधरी को गिरफ्तार किया है। दोनों को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
शाही शादी की तैयारियों के बीच मौत की कहानी
केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई इसी वर्ष फरवरी में हुई थी। परिवारों की सहमति से नवंबर में राजस्थान के एक भव्य महल में दोनों की शादी तय थी। शादी की तैयारियां जोरों पर थीं और इसी क्रम में दोनों ने इंडोनेशिया के बाली में प्री-वेडिंग फोटोशूट कराने की योजना बनाई थी। 6 जून को दोनों परिवारों के कुछ सदस्य बाली के लिए रवाना होने वाले थे।
एयरपोर्ट पहुंचते ही गायब मिला केतन का पासपोर्ट
परिजनों के मुताबिक, यात्रा के दौरान सभी जरूरी दस्तावेज जैसे पासपोर्ट, विदेशी मुद्रा, क्रेडिट कार्ड और अन्य कागजात एक ही पाउच में रखे गए थे। मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने से पहले रास्ते में एक फूड मॉल पर सभी लोग रुके। इसी दौरान सिया ने मोबाइल भूल जाने की बात कही और अकेले कार के पास वापस गई।
जब सभी एयरपोर्ट पहुंचे और दस्तावेजों की जांच हुई तो बाकी लोगों के पासपोर्ट सुरक्षित मिले, लेकिन केतन का पासपोर्ट गायब था। पासपोर्ट नहीं होने के कारण वह विदेश यात्रा नहीं कर सका और उसे वापस लौटना पड़ा। परिवार का आरोप है कि यह कोई संयोग नहीं बल्कि एक सुनियोजित कदम था।
बाली ट्रिप रद्द होने के बाद बना नया प्लान
परिजनों का दावा है कि विदेश यात्रा रद्द होने के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया। 19 जून को सिया का जन्मदिन था। आरोप है कि उसने जन्मदिन से एक दिन पहले यानी 18 जून को प्री-बर्थडे सेलिब्रेशन के बहाने केतन को पुणे के पास स्थित लोहगढ़ किले चलने के लिए तैयार किया।
बताया जाता है कि 18 जून की सुबह केतन घर से निकला और कुछ घंटों बाद परिवार को सूचना मिली कि वह किले के पास गहरी खाई में गिर गया है। शुरुआती जानकारी में इसे हादसा बताया गया और कहा गया कि तेज हवाओं के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया था।
400 फीट गहरी खाई में गिरने की बताई गई थी कहानी
घटना के बाद सिया ने पुलिस को बताया कि लोहगढ़ किले पर घूमने के दौरान केतन का पैर फिसल गया और वह करीब 400 फीट गहरी खाई में जा गिरा। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे दुर्घटना मानते हुए कार्रवाई शुरू की थी, लेकिन बाद में मिले तथ्यों और बयानों ने मामले की दिशा बदल दी।
पिता को व्यवहार से हुआ पहला शक
केतन के पिता विशाल अग्रवाल का कहना है कि बेटे की मौत के बाद अस्पताल में सिया का व्यवहार उन्हें असामान्य लगा। उनके अनुसार, जिस व्यक्ति से कुछ महीनों बाद शादी होने वाली हो, उसकी अचानक मौत के बाद सामान्य तौर पर कोई भी भावनात्मक रूप से टूट जाता है, लेकिन सिया के चेहरे पर वैसा दुख दिखाई नहीं दिया।
उन्होंने बताया कि उस समय परिवार गहरे सदमे में था, इसलिए इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन बाद में यही बात संदेह का एक बड़ा कारण बनी।
मां ने मांगी आरोपियों के लिए कड़ी सजा
बेटे की मौत से टूट चुकी केतन की मां ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सिया परिवार का भरोसा जीत चुकी थी और किसी को उस पर जरा भी शक नहीं था। वह परिवार के साथ शॉपिंग, घूमने और अन्य कार्यक्रमों में शामिल होती थी।
मां का आरोप है कि जिस व्यक्ति को उन्होंने बहू मान लिया था, उसी ने परिवार का विश्वास तोड़ा। उन्होंने न्यायालय से आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।
पुलिस जांच में सामने आ रहे नए पहलू
फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। कॉल डिटेल, डिजिटल सबूत, घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और आरोपियों के बयानों को खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या पूरी घटना पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी या नहीं।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, यह मामला पुणे के चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल होता जा रहा है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और अदालत की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
