Bharat Mala Project: लालगंज के जलालपुर में निर्माणाधीन पुल पर बड़ा हादसा, राहत-बचाव कार्य शुरू
बिहार के वैशाली जिले में गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को निर्माणाधीन पुल पर बड़ा हादसा हो गया। लालगंज के जलालपुर इलाके में भारतमाला परियोजना के तहत बनाए जा रहे छह लेन के पुल पर लॉन्चर शिफ्टिंग के दौरान अचानक पुल का एक ढांचा गिर गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि जिस समय लॉन्चर को एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही थी, उसी दौरान यह हादसा हुआ। घटना के वक्त कार्यस्थल पर मौजूद मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे में कुल चार मजदूरों के घायल होने की आधिकारिक जानकारी सामने आई है।
लॉन्चर शिफ्टिंग के दौरान कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, जलालपुर में भारतमाला परियोजना के तहत छह लेन वाले पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। गुरुवार सुबह निर्माण स्थल पर लॉन्चर शिफ्टिंग की प्रक्रिया की जा रही थी। इसी दौरान अचानक ढांचा गिर गया। हादसा होते ही निर्माण स्थल पर मौजूद कर्मचारियों और मजदूरों में हड़कंप मच गया।
घटना की जानकारी मिलते ही राहत और बचाव की कार्रवाई शुरू की गई। आसपास मौजूद लोगों की भीड़ भी मौके पर पहुंच गई। हालांकि, आधिकारिक जानकारी के अनुसार पुल के मुख्य स्ट्रक्चर को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है।
हादसे में चार मजदूर घायल, अस्पताल में इलाज जारी
हादसे में कार्यस्थल पर मौजूद चार मजदूर घायल हुए हैं। घटना के तुरंत बाद सभी घायल श्रमिकों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई और उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में घायलों का उपचार जारी है।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों और टीम की ओर से घायल मजदूरों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। हादसे के बाद घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर प्राथमिकता दी गई।
बिहार के अलावा दूसरे राज्यों के मजदूर भी शामिल
जानकारी के अनुसार, हादसे में घायल हुए मजदूरों में बिहार के साथ-साथ दूसरे राज्यों से आए श्रमिक भी शामिल हैं। निर्माण परियोजना में अलग-अलग स्थानों से आए मजदूर काम कर रहे हैं। हादसे के बाद घायल श्रमिकों की पहचान की प्रक्रिया भी की गई है।
बताया जा रहा है कि कुछ मजदूरों को गंभीर चोटें भी आई हैं। ऐसे में उनके इलाज और स्वास्थ्य की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
NH-139W पर बन रहा है छह लेन का पुल
यह निर्माण कार्य भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI की परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या NH-139W पर कराया जा रहा है। भारतमाला परियोजना के अंतर्गत इस मार्ग पर छह लेन के पुल का निर्माण किया जा रहा है।
इस परियोजना का उद्देश्य सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर करना और क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को मजबूत करना है। लेकिन निर्माण स्थल पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुल के मुख्य स्ट्रक्चर को नुकसान नहीं: NHAI
हादसे के संबंध में आधिकारिक तौर पर बताया गया है कि लॉन्चर शिफ्टिंग के दौरान यह घटना हुई और पुल के मुख्य स्ट्रक्चर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। घटनास्थल पर मौजूद चार मजदूर घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
NHAI की ओर से कहा गया है कि परियोजना में गुणवत्ता, श्रमिकों की सुरक्षा और निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने को लेकर पूरी प्रतिबद्धता है।
सुरक्षा मानकों की समीक्षा शुरू
हादसे के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पुनर्मूल्यांकन किए जाने की बात कही गई है।
निर्माण कार्य के दौरान इस्तेमाल होने वाली मशीनरी और लॉन्चर शिफ्टिंग जैसी प्रक्रियाओं में सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में हादसे के कारणों और कार्यस्थल पर अपनाए जा रहे सुरक्षा उपायों की समीक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
हादसे के बाद इलाके में मचा हड़कंप
पुल का ढांचा गिरने की खबर जैसे ही आसपास के इलाकों में पहुंची, बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचने लगे। हादसे के बाद कुछ समय के लिए निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी की स्थिति रही। राहत और बचाव टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और घायलों को चिकित्सा सुविधा के लिए भेजा।
फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों की ओर से घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर नजर रखी जा रही है।
निर्माणाधीन पुल हादसे ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
वैशाली के जलालपुर में हुआ यह हादसा निर्माण कार्य के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि आधिकारिक जानकारी के अनुसार पुल के मुख्य स्ट्रक्चर को नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन लॉन्चर शिफ्टिंग के दौरान चार मजदूरों का घायल होना निश्चित तौर पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत को सामने लाता है।
NHAI ने भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का पुनर्मूल्यांकन करने की बात कही है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि जांच और सुरक्षा समीक्षा के बाद निर्माण स्थल पर क्या अतिरिक्त कदम उठाए जाते हैं।
