शादी को जीवन का सबसे महत्वपूर्ण फैसला माना जाता है, लेकिन चीन में एक व्यक्ति के लिए यह फैसला महज कुछ दिनों में ही बड़े विवाद और कानूनी लड़ाई में बदल गया। परिवार के दबाव में विवाह करने वाले एक युवक ने शादी के केवल तीन दिन बाद अपनी पत्नी के बारे में ऐसी जानकारी हासिल की, जिसने उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। अब मामला अदालत तक पहुंच चुका है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
परिवार के दबाव में मैरिज ब्यूरो का लिया सहारा
रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला चीन के झेजियांग प्रांत का है। ‘गु’ नाम के एक व्यक्ति पर परिवार की ओर से लगातार शादी करने का दबाव बनाया जा रहा था। काफी समय तक उपयुक्त रिश्ता न मिलने के बाद उन्होंने एक स्थानीय मैरिज ब्यूरो की मदद ली और पंजीकरण के लिए फीस जमा कराई।
मैरिज ब्यूरो ने उनकी बातचीत 30 वर्षीय महिला से करवाई। हैरानी की बात यह रही कि दोनों कभी आमने-सामने नहीं मिले। केवल कुछ मिनट की वीडियो कॉल के आधार पर रिश्ता तय कर दिया गया। बातचीत के दौरान महिला ने खुद को आर्थिक रूप से स्थिर और पूरी तरह स्वस्थ बताया था।
शादी में बहा दिए लाखों रुपये
रिश्ता तय होने के बाद शादी की तैयारियां तेजी से शुरू हुईं। दूल्हे के परिवार ने विवाह समारोह और अन्य व्यवस्थाओं पर बड़ी रकम खर्च की। कुल मिलाकर लगभग 265,000 युआन यानी करीब 37 लाख रुपये खर्च किए गए।
बताया गया कि इसमें एक बड़ी राशि लड़की पक्ष को दी गई, जबकि लाखों रुपये मैरिज ब्यूरो ने अपनी सेवाओं और फीस के नाम पर लिए। परिवार को उम्मीद थी कि शादी के बाद सबकुछ सामान्य रहेगा, लेकिन कुछ ही दिनों में तस्वीर बदल गई।
तीसरे दिन सामने आया बड़ा राज
शादी के बाद जब नवविवाहित जोड़ा बैंक पहुंचा तो पति को पत्नी की वित्तीय स्थिति के बारे में ऐसी जानकारी मिली, जिसने उसे चौंका दिया। सामने आया कि महिला पर पहले से भारी कर्ज था।
जब इस बारे में सवाल किया गया तो महिला ने दावा किया कि यह कर्ज उसके पूर्व प्रेमी से जुड़ा हुआ है। हालांकि पति और उसके परिवार को यह बात संदिग्ध लगी, क्योंकि शादी से पहले ऐसी कोई जानकारी साझा नहीं की गई थी।
पहचान और स्वास्थ्य से जुड़े दावों पर भी उठे सवाल
मामला यहीं नहीं रुका। पति को बाद में पता चला कि महिला के मोबाइल पेमेंट अकाउंट पर दर्ज नाम और शादी के दौरान बताई गई पहचान में अंतर है।
इसके अलावा मेडिकल जांच के दौरान महिला की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर भी नई जानकारियां सामने आईं। आरोप है कि शादी से पहले महिला ने खुद को पूरी तरह स्वस्थ बताया था, जबकि बाद में गंभीर बीमारी से जुड़ी जानकारी सामने आई।
इन खुलासों के बाद पति ने शादी जारी रखने से इनकार कर दिया और विवाह के कुछ ही दिनों बाद तलाक की प्रक्रिया शुरू कर दी।
अब अदालत में आमने-सामने दोनों पक्ष
मामला अब कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है। पति ने मैरिज ब्यूरो पर गलत जानकारी देकर विवाह कराने और कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
वहीं दूसरी ओर पत्नी ने भी अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उसका दावा है कि तलाक की प्रक्रिया और विवाद के कारण उसे मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा है, जिसके लिए उसने मुआवजे की मांग की है।
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना मामला
शादी के कुछ ही दिनों में रिश्ते के टूटने और लाखों रुपये खर्च होने के बाद सामने आए विवाद ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है। कई लोग इस घटना को जल्दबाजी में लिए गए फैसलों का परिणाम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग ऑनलाइन और एजेंसी आधारित वैवाहिक व्यवस्थाओं में पारदर्शिता की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।
फिलहाल अदालत में चल रही सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस विवाद में किस पक्ष की दलीलें अधिक मजबूत साबित होती हैं और मामले का अंतिम फैसला क्या होगा।
