बिहार : बिहार के बांका जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कटोरिया स्थित एक आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में रहने वाला एलकेजी का छात्र गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। सोमवार सुबह जब बच्चे शौचालय की ओर गए तो बाथरूम के अंदर से कराहने की आवाज सुनाई दी। सूचना मिलते ही विद्यालय प्रशासन मौके पर पहुंचा, जहां सात वर्षीय छात्र खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। घटना के बाद विद्यालय परिसर सहित पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
बाथरूम से आई कराहने की आवाज, फिर खुला चौंकाने वाला मामला
जानकारी के मुताबिक कटोरिया थाना क्षेत्र के राधानगर बाजार स्थित माउंट केरला आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में यह घटना सामने आई। सुबह कुछ छात्र शौचालय की ओर गए थे। इसी दौरान उन्हें बाथरूम के अंदर से किसी बच्चे के रोने और कराहने की आवाज सुनाई दी।
बच्चों ने तुरंत इसकी जानकारी विद्यालय की प्राचार्या को दी। जब विद्यालय कर्मी मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि एक छात्र गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा हुआ है और उसके शरीर से काफी खून बह चुका था। इसके बाद तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया गया।
घायल छात्र की पहचान, हालत बनी गंभीर
घायल बच्चे की पहचान जयश्री गांव निवासी कुमोद यादव के सात वर्षीय पुत्र आनंद कुमार के रूप में हुई है। आनंद एलकेजी का छात्र है और विद्यालय के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता है।
कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए देवघर रेफर कर दिया। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
सिर पर धारदार हथियार से हमले की आशंका
प्राथमिक जांच में छात्र के सिर पर गहरे घाव मिलने की बात सामने आई है। चिकित्सकों के अनुसार चोट के निशान किसी धारदार वस्तु जैसे चाकू या ब्लेड से वार किए जाने की आशंका पैदा कर रहे हैं।
घटना के समय छात्र अचेत अवस्था में था, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। हालांकि हमले की वास्तविक वजह और परिस्थितियों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
चार दिन पहले ही बेटे को हॉस्टल छोड़कर गए थे पिता
घायल छात्र के पिता कुमोद यादव ने बताया कि उन्होंने 19 जून को अपने बेटे को हॉस्टल में छोड़ा था। सोमवार सुबह अचानक विद्यालय से बेटे के घायल होने की सूचना मिली, जिसके बाद वह तुरंत मौके पर पहुंचे।
घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल: हॉस्टल के अंदर आखिर कैसे हुआ हमला?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि हॉस्टल के भीतर छात्र इस हालत में कैसे पहुंचा। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि घटना में किसी अन्य छात्र की भूमिका है या फिर कोई बाहरी व्यक्ति परिसर में प्रवेश कर गया था।
हॉस्टल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले परिसर के अंदर इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
80 छात्र रहते हैं हॉस्टल में, अभिभावकों में बढ़ी चिंता
विद्यालय में लगभग 120 छात्र नामांकित हैं, जिनमें करीब 80 छात्र हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते हैं। ऐसे में एक छोटे बच्चे का गंभीर रूप से घायल मिलना अभिभावकों के बीच चिंता और भय का कारण बन गया है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है। कई लोगों ने हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की है।
CCTV और रजिस्ट्रेशन की भी होगी जांच
मामले के सामने आने के बाद विद्यालय और हॉस्टल की व्यवस्थाओं को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं। चर्चा इस बात की भी हो रही है कि हॉस्टल में सुरक्षा के लिए पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगे हैं या नहीं तथा संस्थान सभी आवश्यक मानकों का पालन कर रहा है या नहीं।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनोज मिश्र ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। विद्यालय और हॉस्टल की पूरी जांच कराई जाएगी तथा सभी पहलुओं की विस्तार से पड़ताल की जाएगी।
जांच रिपोर्ट और छात्र की हालत पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल घायल छात्र का इलाज देवघर में जारी है और उसकी स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वहीं पुलिस और शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही घटना की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
पूरा क्षेत्र अब इस बात का इंतजार कर रहा है कि आखिर मासूम छात्र पर हमला किसने किया और इसके पीछे क्या कारण था। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद ही इस रहस्यमयी घटना से पर्दा उठ सकेगा।
