उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश के शामली जिले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। कैराना का रहने वाला एक लाख रुपये का इनामी बदमाश फुरकान पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के अनुसार, फुरकान कुख्यात मुकीम काला गैंग का सक्रिय सदस्य था और उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट समेत 20 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
मुखबिर की सूचना पर जंगल में हुई घेराबंदी
पुलिस को बुधवार दोपहर सूचना मिली कि फुरकान झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव रंगाना के जंगल में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस के अनुसार, घिरता देख फुरकान ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
लंबे समय से पुलिस की पकड़ से था बाहर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक फुरकान कई वर्षों से फरार चल रहा था और लगातार अपनी लोकेशन बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, लूट, डकैती और गैंगस्टर एक्ट सहित 20 से अधिक मामले दर्ज थे। उसकी तलाश में पुलिस लगातार अभियान चला रही थी, लेकिन वह हर बार गिरफ्तारी से बच निकलता था।
कैराना पलायन प्रकरण में भी रहा चर्चाओं में
फुरकान का नाम कैराना पलायन प्रकरण में भी प्रमुख रूप से सामने आया था। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में उसकी आपराधिक गतिविधियों के कारण लोगों में लंबे समय तक भय का माहौल बना रहा। वह मुकीम काला गैंग का सक्रिय सदस्य था, जिसके नेटवर्क की गतिविधियां शामली के अलावा मेरठ, मुजफ्फरनगर और आसपास के कई जिलों तक फैली हुई बताई जाती हैं।
व्यापारी नेता विनोद सिंघल हत्याकांड का था आरोपी
शामली के पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह के अनुसार, फुरकान पर वर्ष 2014 में कैराना के व्यापारी नेता विनोद सिंघल की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने का आरोप था। पुलिस के मुताबिक, यह वारदात कथित रूप से रंगदारी नहीं देने के कारण हुई थी। इस घटना के बाद कैराना क्षेत्र में भय का माहौल बना और पलायन का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना था।
पुलिस ने कार्रवाई को बताया बड़ी सफलता
पुलिस का कहना है कि फुरकान जैसे वांछित अपराधी के मारे जाने को कानून-व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि संगठित अपराध और वांछित अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच भी की जा रही है।
