सर्दी में ऐसे रहें स्वस्थ

सर्दियों का मौसम कई लोगों के लिए स्वास्थ्य समस्याएं लेकर आता है। दरअसल, इस मौसम में दिन छोटे हो जाते हैं, जिससे हार्मोन्स में असंतुलन पैदा होता है। साथ ही, धूप न मिलने से शरीर में विटामिन ‘डी’ की कमी हो जाती है। ठंड में खासकर बुजुर्गों को स्ट्रेस या हाइपरटेंशन की समस्या रहती है। सर्दियों में लोग अक्सर ज्यादा चीनी, ट्रांस फैट, सोडियम व ज्यादा कैलोरी वाला भोजन खाने लगते हैं, जो मधुमेह और हाइपरटेंशन से पीड़ित लोगों के लिए बहुत ही खतरनाक हो सकता है। इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही से किसी को भी सर्दी लग सकती है, ऐसे में सबको थोड़ा सचेत रहना चाहिए जिससे स्वस्थ्य रह सके।

सर्दी लगने के मुख्य कारण :-

1.अधिक ठन्डे भोज्य पदार्थों का सेवन।

2.पैरों में बिना जूते पहन के घूमना।

3.कुछ गरम खाने के तुरंत बाद ही कुछ ठंडा खा लेना।

4.वायरल इन्फेक्शन।

5.सर्दी से ग्रसित अन्य व्यक्तियों के संपर्क में रहना।

6.आसपास की किसी वस्तु से ऐलर्जी हो जाना।

7.आहार विहार में लापरवाही।

8.बहुत अधिक थकान।

लक्षण :-

1.गले में घरघराहट

2.नाक बंद हो जाना

3.सर दर्द होना

4.चिड़चिड़ाहट होना

5.हल्का हल्का बुखार होना

6.आवाज़ में घरघराहट

7.छींकना

8.स्वाद और सुगंध की अनुभूति कम होना

बचाव :-

1.सामान्य रूप से लोग सर्दी होने पर ऐंटीबायॉटिक्स का प्रयोग करते हैं, लेकिन बिना किसी उचित सलाह के इसे लेना जानलेवा भी साबित हो सकता है।

2.यहाँ यह भी जान लेना आवश्यक है कि ऐंटीबायॉटिक्स बैक्टीरिया के विरुद्ध कार्य करते हैं न कि वायरस और अलर्जी के विरुद्ध। इसलिए सामान्य सर्दी जुकाम जो कि वायरस या अलर्जी के कारण हो रहे हैं, उनमें ये दवाएं लेने का कोई लाभ नहीं होता है।

4.सामान्य रूप में इस रोग से बचाव के उपाय ही इसका उचित इलाज है।

5.जिन लोगों को सर्दी है, उनसे उचित दूरी बनाकर रखें, ख़ास तौर पर तब जब वे खांसें या छींके।

6.सही समय पर संतुलित भोजन करें।

7.ठंडा व बासी भोजन न करें।

8.भोजन में काली मिर्च का प्रयोग अवश्य करें।

9.छींकते व खांसते समय मुंह व नाक को ढककर रखें।

10.भोज्य पदार्थों को ढककर रखें।

11.पर्याप्त मात्रा में यदि मन न हो तब भी पानी अवश्य पियें।

12.आराम अवश्य करें क्योंकि इससे ऊर्जा का संग्रहण होता है।

13.भोजन में विटामिन सी युक्त पदार्थ जैसे नींबू का प्रयोग करें।

14.यदि सर्दी के लक्षण 3 दिन से ज्यादा रहे तो चिकित्सक से परामर्श करें।

15.Vaporizer और nasal decongestant से थोड़ी देर के लिए नाक तो खुल जाती है लेकिन ये इसका पक्का इलाज नहीं है।

16.यदि छाती में दर्द हो, लगातार खांसी आए, कान में दर्द हो या बलगम भूरा या लाल रंग का आता हो तो डॉक्टर से परामर्श करें।

17.अगर आप asthma, bronchitis या emphysema से पीड़ित हैं तो कुछ भी उपाय करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

18.अगर कोई छोटा बच्चा सर्दी से पीड़ित है तो उसे aspirin न दें।

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