सोनम वांगचुक कल खत्म कर सकते हैं आमरण अनशन! पत्नी गीतांजलि अंगमो ने रखी बड़ी शर्त, संसद से जुड़ी मांग पर टिकी निगाहें

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि अंगमो ने संकेत दिए हैं कि यदि राजनीतिक दलों के नेता आगे आकर उनसे मुलाकात करते हैं और संसद के मानसून सत्र में शिक्षा से जुड़े जवाबदेही के मुद्दे को उठाने का भरोसा देते हैं, तो सोनम वांगचुक 20 जुलाई को अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं। इस बयान के बाद उनके आंदोलन और आगे की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

पत्नी ने रखी शर्त, संसद में उठे शिक्षा जवाबदेही का मुद्दा

डॉ. गीतांजलि अंगमो ने बताया कि सोनम वांगचुक का अनशन किसी व्यक्तिगत मांग के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर जारी है। उनका कहना है कि यदि राजनीतिक नेतृत्व इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए संसद के मानसून सत्र में उठाने का आश्वासन देता है, तो वांगचुक अपने आमरण अनशन को समाप्त करने पर विचार करेंगे।

अस्पताल में चल रहा इलाज, डॉक्टरों की निगरानी में हैं वांगचुक

पिछले दो दिनों से सोनम वांगचुक दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। अस्पताल की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में बताया गया कि उनके जरूरी स्वास्थ्य संकेतक फिलहाल स्थिर हैं, हालांकि लंबे समय तक उपवास के कारण शरीर पर पड़े प्रभाव को देखते हुए उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

डॉक्टरों के अनुसार ब्लड पैरामीटर में हल्के बदलाव दर्ज किए गए हैं और किसी भी संभावित जटिलता से बचने के लिए 24 घंटे मेडिकल मॉनिटरिंग आवश्यक है। अस्पताल की मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग पहले ही हो चुकी है खारिज

इससे पहले डॉ. गीतांजलि अंगमो ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की थी। इस संबंध में उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका स्वीकार नहीं की और अस्पताल बदलने की मांग खारिज कर दी थी।

जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद अस्पताल पहुंचे वांगचुक

सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में आमरण अनशन पर बैठे थे। बाद में दिल्ली पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया। उनके अस्पताल पहुंचने के बाद आंदोलन को जारी रखने की जिम्मेदारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने संभाली और उन्होंने भी भूख हड़ताल शुरू कर दी।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी है आंदोलन

यह आंदोलन 6 जून से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे नीट पेपर लीक मामले और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर चल रहा है। आंदोलनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सोनम वांगचुक 28 जून से इस आंदोलन में औपचारिक रूप से शामिल हुए और तब से आमरण अनशन पर हैं। अब उनकी पत्नी के ताजा बयान के बाद सबकी नजर इस बात पर है कि क्या राजनीतिक दल उनकी शर्त स्वीकार करते हैं और क्या 20 जुलाई को उनका अनशन वास्तव में समाप्त होगा।

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