नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान CJP एक्टिविस्ट निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में आरोपी बताए जा रहे स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुई कथित मारपीट का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
बुलंदशहर से पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि उसने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की थी। मामले को लेकर शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं और प्रतिनिधियों ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि कथित हमले के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के दौरान CJP प्रतिनिधियों ने दावा किया था कि दिल्ली पुलिस ने आरोपी को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का भरोसा दिया है। पुलिस ने इस मामले की FIR में SC-ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी हैं।
पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हो गया था आरोपी
पुलिस से आरोपी को पकड़ने का आश्वासन मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की टीम स्वतंत्र भारद्वाज की तलाश में बुलंदशहर पहुंची थी। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही उसके वहां से निकल जाने की जानकारी सामने आई।
सूत्रों के अनुसार, स्वतंत्र भारद्वाज नैथला गांव से मोटरसाइकिल के जरिए खुर्जा की ओर गया था। बताया गया कि उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहन रखा था। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए सादे कपड़ों में कई टीमें लगाईं। तलाशी अभियान के दौरान स्थानीय पत्रकारों से भी पूछताछ की गई। कई घंटों की कोशिश के बाद पुलिस टीम उसे हिरासत में लेने में सफल रही।
मारपीट के आरोपों पर स्वतंत्र भारद्वाज ने क्या कहा?
मामले में आरोप सामने आने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज ने भी अपनी ओर से सफाई दी थी। शुक्रवार को जंतर-मंतर पर हुई घटना को लेकर उसने दावा किया था कि संजय कुमार के साथ हुई कथित मारपीट आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई थी।
भारद्वाज का कहना था कि जिस घटना को हमला बताया जा रहा है, वह वास्तव में आत्मरक्षा की स्थिति में हुई थी। उसके मुताबिक, अगर उस समय उन्होंने खुद को बचाने के लिए कार्रवाई नहीं की होती तो भीड़ उनकी पीट-पीटकर हत्या कर सकती थी।
पॉडकास्ट क्लिप के बाद फिर गरमाया मामला
स्वतंत्र भारद्वाज की सफाई के बीच सोशल मीडिया पर एक पॉडकास्ट की क्लिप सामने आई, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। वायरल क्लिप में भारद्वाज कथित तौर पर जंतर-मंतर की घटना के दौरान संजय कुमार के साथ मारपीट करने की बात स्वीकार करता हुआ दिखाई देता है।
क्लिप में वह कथित तौर पर यह कहते हुए नजर आता है कि उसने संजय कुमार की खोपड़ी फोड़ दी थी। इसके बाद CJP की ओर से दिल्ली पुलिस पर आरोपी के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया गया था।
हालांकि, पूरे मामले में सामने आए आरोपों और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो/क्लिप की स्वतंत्र पुष्टि का सवाल भी महत्वपूर्ण है। पुलिस जांच के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
चिराग पासवान ने कहा- मेरे नाम का गलत इस्तेमाल हुआ
इस मामले के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का बयान भी सामने आया है। चिराग पासवान ने स्वतंत्र भारद्वाज से किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया है।
चिराग पासवान ने कहा कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया गया है और वह स्वतंत्र भारद्वाज को नहीं जानते। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी निशु आजाद के परिवार के साथ खड़ी है। चिराग के मुताबिक, उन्होंने इस मामले की शिकायत की है और दिल्ली पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अब पुलिस जांच पर टिकी नजर
स्वतंत्र भारद्वाज को यूपी के बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने के बाद अब इस मामले में दिल्ली पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर है। जंतर-मंतर पर हुई कथित मारपीट, FIR में SC-ST एक्ट की धाराएं जोड़े जाने, आरोपी की सफाई और सामने आई पॉडकास्ट क्लिप—इन सभी पहलुओं को जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं, यह जांच और पूछताछ के बाद स्पष्ट होगा। वहीं, चिराग पासवान के बयान के बाद इस पूरे विवाद में राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।
