झारखंड पुलिस और SBI के बीच हुए सैलरी पैकेज MOU में नया विस्तार, अब पुलिसकर्मियों को मिलेगा 10 लाख का अतिरिक्त जीवन बीमा का लाभ ।

झारखंड पुलिस और SBI के बीच हुए सैलरी पैकेज MOU में नया विस्तार, अब पुलिसकर्मियों को मिलेगा 10 लाख का अतिरिक्त जीवन बीमा का लाभ ।

झारखंड पुलिस और SBI के बीच हुए सैलरी पैकेज MOU में नया विस्तार, अब पुलिसकर्मियों को मिलेगा 10 लाख का अतिरिक्त जीवन बीमा का लाभ ।

पुलिस महानिदेशक, झारखण्ड की उपस्थिति में पुलिस मुख्यालय के सभागार में स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ झारखण्ड पुलिस के सैलरी पैकेज MoU के विस्तार पर विस्तृत चर्चा एवं जानकारी साझा की गई। बैठक में पटना मंडल के मुख्य महाप्रबंधक  अनुराग जोशी तथा अन्य वरिष्ठ बैंक अधिकारी उपस्थित रहे। मौके पर दोनों पक्षों ने पुष्पगुच्छ व स्मृति-चिन्हों का आदान-प्रदान कर एक-दूसरे का सम्मान किया।

बैठक के मुख्य बिंदु:

  • अब MoU के अंतर्गत 10,00,000 (दस लाख) का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस जोड़ा गया है — इस कवरेज के तहत किसी भी कारण से (आकस्मिक अथवा अन्य कारण) मृत्यु होने पर पुलिसकर्मी के परिवार को यह लाभ प्रदान किया जाएगा।
  • पहले से उपलब्ध कवरेज में शामिल हैं: 1 करोड़ का आकस्मिक दुर्घटना बीमा1.60 लाख का जीवन बीमा कवरेज1 करोड़ पूर्ण विकलांगता कवरेज, तथा 80 लाख आंशिक विकलांगता कवरेज
  • बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023 के पहले MoU के बाद से अब तक 32 परिवारों को आकस्मिक बीमा लाभ प्रदान किया गया है; जबकि MoU से पहले की घटनाओं में 9 परिवारों को यह सहायता मिली — कुल मिलाकर पिछले दो वर्षों में 43 परिवारों का सहयोग किया गया है।
  • पुलिस महानिदेशक ने एसबीआई के सहयोग की प्रशंसा करते हुए बैंक अधिकारियों, विशेषकर श्री विकाश कुमार पांडे को Commendation Roll प्रदान किया।

कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी और एसबीआई के प्रतिनिधियों के नामक सूची भी कार्यक्रम-संदर्भ के रूप में दर्ज की गई — जिसमें पुलिस महानिरीक्षक (विशेष शाखा), प्रशिक्षण, मानवाधिकार, अभियान, जगुआर, उप-महानिरीक्षक (कार्मिक, विशेष शाखा, बजट), पुलिस एसोसिएशन/मेन्स एसोसिएशन सदस्यों तथा एसबीआई के जी०एम० एवं डी०जी०एम० आदि शामिल थे।

पुलिस महानिदेशक ने समाप्ति पर एसबीआई के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बैंक का यह कदम पुलिसकर्मियों व उनके परिवारों के हितों के लिए अत्यंत सराहनीय है और इससे कर्मियों के सामाजिक सुरक्षा-जाल में मजबूती आएगी।

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