समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित कार्रवाई को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान सादे कपड़ों में मौजूद कुछ लोगों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किए जाने की खबरें सामने आई हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को ऐसे लोगों की पहचान सार्वजनिक करनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।
सादे कपड़ों में कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल
नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में ऐसी तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें सादे कपड़ों में कुछ लोग प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन खबरों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि ये लोग कौन थे और किस अधिकार के तहत कार्रवाई कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं करती है, तो विपक्ष इस मामले को गंभीरता से उठाता रहेगा और पूरे घटनाक्रम पर जवाब मांगेगा।
छात्रों के प्रदर्शन और NEET पेपर लीक पर सरकार को घेरा
सपा प्रमुख ने NEET परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर भी सरकार को निशाने पर लिया। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर लगातार आवाज उठाई जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन परिवारों ने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान अपने बच्चों को खोया है, उनकी मांगों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए और उचित सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
पेपर लीक को लेकर लगाए गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र और उत्तर प्रदेश में परीक्षा से जुड़े मामलों में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों की जिम्मेदारी तय हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
साथ ही उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि यदि किसी तरह की बल प्रयोग की घटना हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
जौहर विश्वविद्यालय को लेकर भी रखा पक्ष
जौहर विश्वविद्यालय के मुद्दे पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि हर विश्वविद्यालय शिक्षा का केंद्र होता है और शैक्षणिक संस्थानों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना चाहिए।
सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
सपा अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों से जुड़े मामलों में सरकार को पूरी पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि युवाओं का भरोसा कायम रह सके।
