Abhijeet Dipke Bail: एसीएम कोर्ट में लंबी बहस के बाद राहत, पीस बॉन्ड भरने का आदेश
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को अदालत से सशर्त जमानत मिल गई है। दिल्ली पुलिस ने उन्हें शांति भंग करने की आशंका के आरोप में गिरफ्तार किया था। शनिवार को मंदिर मार्ग स्थित एसीएम कोर्ट में पेशी के दौरान दोनों पक्षों के बीच लंबी बहस हुई, जिसके बाद अदालत ने उन्हें पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने की शर्त के साथ जमानत दे दी।
दिल्ली पुलिस ने सुबह किया था गिरफ्तार
मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने शनिवार सुबह CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा से संबंधित कार्रवाई के तहत शांति भंग की आशंका को लेकर धारा 126/170 में मामला दर्ज किया था। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां मामले पर दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें रखीं।
एसीएम कोर्ट में दोनों पक्षों के बीच हुई लंबी बहस
अभिजीत दीपके को दोपहर में मंदिर मार्ग स्थित एसीएम कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों के बीच काफी देर तक बहस चली। इसके बाद अदालत ने दीपके को सशर्त जमानत देने का फैसला किया और उन्हें पीस बॉन्ड भरने को कहा। इस आदेश के साथ उन्हें फिलहाल राहत मिली है।
तिरंगा मार्च के दौरान भी हिरासत में लिए गए थे दीपके
इससे पहले 16 अक्टूबर 2026 को तिरंगा मार्च के दौरान भी दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया था। हालांकि, उस समय उन्हें कुछ समय बाद हिदायत देकर छोड़ दिया गया था। अब एक बार फिर उनकी गिरफ्तारी और उसके बाद अदालत से मिली सशर्त जमानत ने मामले को चर्चा में ला दिया है।
जमानत के बाद किन शर्तों का करना होगा पालन?
अदालत ने अभिजीत दीपके को पीस बॉन्ड भरने की शर्त पर जमानत दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शांति व्यवस्था बनाए रखने से जुड़ी शर्तों का पालन करना होगा। शांति भंग करने की दोबारा कोशिश किए जाने की स्थिति में उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, जमानत की सभी विस्तृत शर्तों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी और जमानत पर क्यों है चर्चा?
CJP संस्थापक की गिरफ्तारी, एसीएम कोर्ट में पेशी और फिर सशर्त जमानत की घटनाएं तिरंगा मार्च के दौरान हुई पिछली हिरासत के संदर्भ में अहम हैं। फिलहाल अदालत ने पीस बॉन्ड भरने की शर्त पर उन्हें राहत दी है। मामले में आगे की कार्रवाई और जमानत की शर्तों से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
