Commonwealth Games 2026: भारत का ऐतिहासिक दिन, 10वें दिन झटके 8 गोल्ड; बॉक्सिंग में रचा नया इतिहास, ट्रैक एंड फील्ड में भी चमके भारतीय खिलाड़ी

ग्लासगो (स्कॉटलैंड): कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों की झड़ी लगा दी। भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही दिन में 8 स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। इनमें 7 गोल्ड बॉक्सिंग से आए, जबकि एक गोल्ड पैरा शॉटपुट में मिला। इसके अलावा ट्रिपल जंप, जूडो और एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए। खास बात यह रही कि कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार भारत ने एक ही संस्करण में बॉक्सिंग में 7 गोल्ड मेडल जीतने का रिकॉर्ड बनाया।

बॉक्सिंग में भारत का दबदबा, सात मुक्केबाज बने चैंपियन

भारतीय बॉक्सरों ने फाइनल मुकाबलों में दमदार प्रदर्शन करते हुए विरोधियों को एक-एक कर मात दी। महिला वर्ग में प्रीति पवार, जैस्मिन लांबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास और अरुंधति चौधरी ने स्वर्ण पदक जीते। वहीं पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने भी गोल्ड जीतकर भारत की उपलब्धि को और बड़ा बना दिया।

हालांकि भारतीय टीम को कुछ मुकाबलों में रजत पदक से भी संतोष करना पड़ा। लवलीना बोरगोहेन, जादुमणि और नरेंद्र बेरवाल अपने-अपने फाइनल मुकाबले हार गए और सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहे।

अंकुश पंघाल ने इंग्लैंड के मुक्केबाज को हराकर जीता गोल्ड

पुरुषों के 80 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में अंकुश पंघाल ने इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को 4-1 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। पूरे मुकाबले में अंकुश ने आक्रामक खेल दिखाया और शुरुआत से अंत तक बढ़त बनाए रखी।

सचिन सिवाच का आखिरी पंच बना जीत की वजह

पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में सचिन सिवाच ने नामीबिया के ट्राईगेन मॉर्निंग नडेवेलो को 3-2 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। दूसरे राउंड में पेनल्टी मिलने के बावजूद सचिन ने अंतिम क्षणों में दमदार पंच लगाकर मुकाबले का रुख बदल दिया और जीत अपने नाम कर ली।

महिला बॉक्सरों ने भी दिखाया दम

महिलाओं के मुकाबलों में अरुंधति चौधरी ने इंग्लैंड की कैंथले रीड को 5-0 से हराया। प्रिया घंघास ने कड़े मुकाबले में 4-1 से जीत दर्ज की। साक्षी चौधरी ने 51 किलोग्राम वर्ग में इंग्लैंड की प्रतिद्वंद्वी को 5-0 से मात दी। वहीं प्रीति पवार ने कनाडा की स्कार्लेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराया। जैस्मिन लांबोरिया ने भी 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में मिशेला वॉल्श को 5-0 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया।

लवलीना समेत तीन भारतीय खिलाड़ियों को मिला सिल्वर

70 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में लवलीना बोरगोहेन ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री से 1-4 से हार गईं। वहीं जादुमणि पहले राउंड में बढ़त बनाने के बाद मुकाबला गंवा बैठे। पुरुषों के 90 प्लस किलोग्राम वर्ग में नरेंद्र बेरवाल को इंग्लैंड के डेमर थॉमस के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।

पैरा शॉटपुट में सोमन राणा बने गोल्ड मेडलिस्ट

पैरा एथलेटिक्स के F-57 शॉटपुट वर्ग में भारत के सोमन राणा ने 13.40 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो करते हुए स्वर्ण पदक जीता। इसी स्पर्धा में भारत के शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया। भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन पैरा एथलेटिक्स में भी देश की बढ़ती ताकत का प्रमाण बना।

गुलवीर सिंह ने बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड

पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने कांस्य पदक जीतते हुए इतिहास रच दिया। वे कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही संस्करण में 5000 मीटर और 10000 मीटर दोनों ट्रैक इवेंट में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। उन्होंने 13 मिनट 24.95 सेकेंड का समय निकालकर कांस्य पदक अपने नाम किया।

ट्रिपल जंप में भारत के खाते में दो और पदक

पुरुष ट्रिपल जंप में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो पदक जीते। प्रवीण चित्रावेल ने 16.58 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल हासिल किया, जबकि सेल्वा प्रभु ने 16.52 मीटर के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जाम्बिया के जॉर्डन स्कॉट के नाम रहा।

जूडो में उन्नति शर्मा ने दिलाया ब्रॉन्ज

महिलाओं के 63 किलोग्राम जूडो वर्ग में उन्नति शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका की स्काई नोस्टर को महज 1 मिनट 7 सेकेंड में इप्पोन से हराकर कांस्य पदक जीता। मुकाबले की शुरुआत से ही उन्होंने आक्रामक अंदाज अपनाया और शानदार तकनीक के दम पर जीत दर्ज की।

अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन

पैरा एथलेटिक्स की पुरुष 1500 मीटर T54 स्पर्धा में रमेश शनमुगम सातवें स्थान पर रहे। वहीं महिलाओं की 10,000 मीटर रेस वॉक में रवीना गायकवाड़ को नियमों के उल्लंघन के कारण डिस्क्वालिफाई कर दिया गया, जिससे उनका अभियान निराशाजनक तरीके से समाप्त हो गया।

भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का यह दिन कई ऐतिहासिक उपलब्धियों के नाम रहा। खासकर बॉक्सिंग में रिकॉर्ड सात स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनका दबदबा लगातार मजबूत होता जा रहा है।

Share:
Copied!