हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब बेलबाबा क्षेत्र के पास एक युवक को बाघ द्वारा उठा ले जाने की खबर तेजी से फैल गई। सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में जंगल की ओर पहुंच गए। हालांकि मौके पर पहुंचकर जब वन विभाग और स्थानीय लोगों ने स्थिति की जांच की तो मामला कुछ और ही निकला।
अफवाह से जंगल में जुट गई ग्रामीणों की भीड़
जानकारी के मुताबिक बेलबाबा से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र में यह खबर फैली कि एक युवक पर बाघ ने हमला कर उसे उठा लिया है। देखते ही देखते यह सूचना आसपास के इलाकों में फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग के अधिकारी भी सक्रिय हो गए।
जांच में नहीं मिला बाघ के हमले का कोई प्रमाण
मौके पर पहुंची टीम और स्थानीय लोगों ने पूरे क्षेत्र की जांच की, लेकिन कहीं भी बाघ के हमले या किसी व्यक्ति को उठाकर ले जाने जैसी घटना के सबूत नहीं मिले। जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि बाघ द्वारा युवक को उठा ले जाने की खबर केवल अफवाह थी।
गुमशुदा युवक की तलाश से जुड़ा है मामला
इस मामले में गुमशुदा बताए जा रहे शिवशंकर गोस्वामी की पत्नी प्रियंका गोस्वामी ने बताया कि उनके पति काफी समय से लापता हैं और अब तक उनका कोई पता नहीं चल पाया है। उनका आरोप है कि मामले में पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।
परिजनों और परिचितों का कहना है कि कुछ लोगों ने जंगल क्षेत्र में चावल और अन्य निशान देखने के बाद आशंका जताई थी कि गुमशुदा युवक वहां हो सकता है। इसी सूचना के आधार पर लोग जंगल पहुंचे थे।
वन विभाग ने अफवाहों से बचने की अपील की
हल्द्वानी रेंज के संबंधित वन अधिकारी (आरओ) ने स्पष्ट किया कि बाघ के हमले की सूचना पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने कहा कि अब तक ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई है और लोगों को अपुष्ट खबरों पर भरोसा करने से बचना चाहिए। वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव से जुड़ी सूचना मिलने पर पहले संबंधित विभाग से पुष्टि करें, ताकि अफवाहों के कारण अनावश्यक दहशत न फैले।
