देशभर में पेपर लीक के मामलों को लेकर छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र और विभिन्न संगठनों द्वारा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी बीच उत्तराखंड से सामने आई एक नई घटना ने एक बार फिर परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देहरादून स्थित वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (VMSB-UTU) ने पेपर लीक की आशंका के चलते दो विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। अब इन दोनों विषयों की परीक्षाएं अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएंगी।
जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल छात्र लगातार पेपर लीक की घटनाओं पर नाराजगी जता रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी और विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने से लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत प्रभावित होती है। उनका आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बावजूद प्रभावी समाधान नहीं निकल पा रहा है।
उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने क्यों रद्द किए दो पेपर?
यूनिवर्सिटी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ (IOTT004) विषय की परीक्षा को लेकर शिकायत मिलने के बाद कुलपति के निर्देश पर उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया। जांच के दौरान ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग होने की आशंका मजबूत हुई। इसके बाद विश्वविद्यालय ने संबंधित मामले की आंतरिक जांच कराई और परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया।
व्हाट्सएप और पोर्टल पर परीक्षा से पहले साझा किए गए प्रश्न
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि देहरादून के शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता, जिन्हें बाहरी प्रश्नपत्र निर्माता के रूप में नियुक्त किया गया था, उन्होंने कथित रूप से परीक्षा से पहले संस्थान के आंतरिक पोर्टल और व्हाट्सएप के माध्यम से वही प्रश्न छात्रों के साथ साझा किए, जो परीक्षा में पूछे गए। विश्वविद्यालय ने इसे परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता, निष्पक्षता और शैक्षणिक मानकों का गंभीर उल्लंघन माना है।
दूसरे विषय के पेपर में भी मिली गड़बड़ी की आशंका
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी’ (ECT043) विषय का प्रश्नपत्र भी उसी व्यक्ति द्वारा तैयार किया गया था। जांच समिति ने इस पेपर में भी गोपनीयता भंग होने और अनियमितता की प्रबल संभावना जताई। इसके बाद विश्वविद्यालय ने दोनों परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया।
अगस्त 2026 में दोबारा होगी परीक्षा
यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया है कि दोनों विषयों की पुनर्परीक्षा अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी। विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम और परीक्षा केंद्रों की सूची विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अलग से जारी की जाएगी। साथ ही सभी संबद्ध कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा रद्द होने और नई परीक्षा तिथि की जानकारी तुरंत छात्रों तक पहुंचाएं ताकि उन्हें तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
आरोपी प्रोफेसर पर 7 साल की पाबंदी
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से अगले सात वर्षों तक विश्वविद्यालय की किसी भी परीक्षा से जुड़े कार्य में शामिल होने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को भी कड़ी चेतावनी जारी की गई है। विश्वविद्यालय ने संस्थान को निर्देश दिया है कि भविष्य में परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
