Lucknow Coaching Center Fire: आग लगते ही मची चीख-पुकार, जान बचाने के लिए इमारत से कूदे छात्र; कई मौतों से दहला लखनऊ

उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सोमवार को एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई, जहां अलीगंज इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर मौजूद कई छात्र और कर्मचारी फंस गए। जान बचाने के लिए कुछ लोगों को इमारत से छलांग लगाते हुए देखा गया, जिसका वीडियो भी सामने आया है। इस हादसे में कई लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।

तीन मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, मचा हड़कंप

जानकारी के अनुसार, अलीगंज थाना क्षेत्र के उषा मेहता मार्ग पर स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में दोपहर करीब 3 बजे आग लग गई। भवन में संचालित कोचिंग सेंटर और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के कारण उस समय बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे।

आग लगने की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते धुएं और लपटों ने भवन को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अंदर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।

जान बचाने के लिए ऊपर से कूदने लगे छात्र

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग और धुएं से घिरने के बाद कुछ छात्रों ने जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से छलांग लगा दी। कई लोगों को स्थानीय नागरिकों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि कुछ गंभीर रूप से घायल हो गए।

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर फंसे लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।

14 फायर टेंडर और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से चला रेस्क्यू

घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 14 फायर टेंडर तथा हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म वाहन को लगाया गया।

फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घना धुआं और तेज लपटें राहत एवं बचाव कार्य में बड़ी चुनौती बन रही थीं। कई लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका को देखते हुए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

चश्मदीद ने बताया कैसे बचाई गई लोगों की जान

मौके पर मौजूद अमन नामक युवक ने बताया कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचा तो इमारत से काला धुआं निकल रहा था। स्थानीय लोगों ने मिलकर कई लोगों को बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति ने आग से बचने के लिए भवन से छलांग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के दौरान कई लोग अंदर फंसे हुए थे।

अंदर पहुंचने के लिए तोड़ी गई दीवार

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद बताया कि फायर ब्रिगेड की टीमों ने भवन के अंदर पहुंचने के लिए पहली मंजिल की एक दीवार तक तोड़ दी। उन्होंने कहा कि पूरे भवन की कमरे-दर-कमरे जांच की जा रही है और प्राथमिकता सभी छात्रों व कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने की है।

उन्होंने बताया कि मेडिकल टीमों, एंबुलेंस और डॉक्टरों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान

घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने और राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और पूरे मामले की लगातार निगरानी करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

सभी कार्यक्रम रद्द कर लखनऊ रवाना हुए सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को रद्द कर दिया और तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हो गए। अलीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि लखनऊ में हुई दुखद अग्निकांड की घटना में बच्चों की जान जाने की सूचना मिलने के बाद उन्होंने तत्काल वापस लौटने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की गहन जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लखनऊ अग्निकांड पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है।

हादसे की जांच पर सबकी नजर

लखनऊ के इस दर्दनाक अग्निकांड ने सुरक्षा व्यवस्थाओं और भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आग किन परिस्थितियों में लगी और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

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