पटना: ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर रौशन आनंद की जमानत याचिका पर फैसला लगातार टलने के बाद छात्रों और शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। रौशन आनंद की रिहाई की मांग को लेकर अब आंदोलन तेज होने जा रहा है। कोचिंग संस्थान से जुड़े हजारों छात्रों और शिक्षकों ने 13 जून से आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान किया है।
रौशन आनंद की गिरफ्तारी के बाद से उनके समर्थन में लगातार आवाज उठ रही है। वहीं, जमानत याचिका पर सुनवाई में हो रही देरी ने छात्रों के बीच असंतोष को और बढ़ा दिया है।
BPSC सेंटर पर होगा आमरण अनशन
ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर से जुड़े शिक्षकों और विद्यार्थियों ने घोषणा की है कि वे संस्थान के BPSC सेंटर पर आमरण अनशन करेंगे। आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्रों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
कोचिंग संस्थान से जुड़े शिक्षक आदर्श ने कहा कि छात्रों और शिक्षकों को न्याय की उम्मीद है। उनका आरोप है कि पूरे मामले में एकतरफा कार्रवाई की गई है, जिसके खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा।
3 जून से न्यायिक हिरासत में हैं रौशन आनंद
ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर रौशन आनंद को 3 जून को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से वह न्यायिक हिरासत में हैं। उनकी जमानत याचिका पहले सिविल कोर्ट से खारिज हो चुकी है।
इसके बाद जिला अदालत में जमानत के लिए आवेदन दायर किया गया, लेकिन पिछली दो निर्धारित तारीखों पर भी सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इस वजह से उनके समर्थकों में निराशा और नाराजगी दोनों बढ़ रही हैं।
सोशल मीडिया पर छात्रों से एकजुट होने की अपील
ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी छात्रों को आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई है। संस्थान की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि निर्धारित सुनवाई के दौरान जमानत याचिका पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका और सुनवाई आगे बढ़ा दी गई।
पोस्ट में यह भी कहा गया कि न्यायालय के प्रति पूरा सम्मान है, लेकिन न्याय मिलने में हो रही देरी से छात्र और शिक्षक दोनों आहत हैं। इसी कारण सभी ने मिलकर आमरण अनशन का निर्णय लिया है।
शुक्रवार को भी नहीं हो सकी सुनवाई
शुक्रवार को भी रौशन आनंद की जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो पाई। जानकारी के अनुसार, खान सर की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने मेडिकल कारणों का हवाला देते हुए अदालत में उपस्थित न हो पाने की अनुमति मांगी थी। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई को आगे के लिए स्थगित कर दिया।
लगातार टल रही सुनवाई के कारण रौशन आनंद के समर्थकों के बीच बेचैनी बढ़ती जा रही है और आंदोलन की तैयारी भी तेज हो गई है।
खान सर के बॉडीगार्ड को नहीं मिली राहत
इसी मामले में गिरफ्तार खान सर के बॉडीगार्ड की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। प्रदीप कुमार और तालेश्वर सिंह को 4 जून को गिरफ्तार किया गया था। अदालत के इस फैसले के बाद मामले को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
छात्रों में बढ़ रहा आक्रोश
रौशन आनंद की रिहाई को लेकर छात्रों का कहना है कि वे न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं, लेकिन मामले में जल्द सुनवाई और निष्पक्ष निर्णय चाहते हैं। आंदोलन के ऐलान के बाद पटना में शैक्षणिक और छात्र संगठनों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर हलचल बढ़ गई है।
अब सभी की नजरें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां रौशन आनंद की जमानत याचिका पर महत्वपूर्ण फैसला आ सकता है।
