Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देहरादून स्थित मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में प्रदेश के छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ पोर्टल की शुरुआत की और विद्यार्थियों को लेकर सरकार की कई योजनाओं और प्राथमिकताओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की ओर से दिए जा रहे उपयोगी सुझावों को केवल संवाद तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि जरूरत के अनुसार इन्हें सरकारी नीतियों और कार्ययोजनाओं का हिस्सा भी बनाया जाएगा।
‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ पर निबंध प्रतियोगिता शुरू
मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन पोर्टल के लॉन्च के साथ ही राज्य के विद्यालयी छात्र-छात्राओं के लिए ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड-एक विकसित राज्य हेतु मेरा दृष्टिकोण’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता भी शुरू की गई। इस प्रतियोगिता के जरिए सरकार विद्यार्थियों से यह जानना चाहती है कि वे आने वाले समय में उत्तराखंड को किस रूप में देखते हैं और राज्य के विकास को लेकर उनकी क्या सोच है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रदेशभर के 140 विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही इन चयनित विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
NEET, JEE और CLAT की तैयारी का खर्च उठाएगी सरकार
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रतियोगिता में चयनित 140 मेधावी विद्यार्थियों को NEET, JEE, CLAT और SAT जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग और अन्य जरूरी शुल्क में राज्य सरकार की ओर से सहायता दी जाएगी।
सरकार का उद्देश्य यह है कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के सामने आर्थिक समस्या उनकी पढ़ाई और करियर की राह में बाधा न बने। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में होने वाले खर्च को सरकार द्वारा वहन किए जाने से इन विद्यार्थियों को अपने उच्च शिक्षा और करियर के लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
3 लाख से ज्यादा छात्रों ने वर्चुअली लिया हिस्सा
‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में प्रदेश के सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों की बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। कार्यक्रम में 2828 स्कूलों के कक्षा 11वीं और 12वीं के 3 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने वर्चुअल माध्यम से भागीदारी की।
मुख्यमंत्री के साथ संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा के साथ-साथ खेल, उच्च शिक्षा, पर्यटन और पर्यावरण जैसे विषयों पर अपने सुझाव रखे। छात्रों ने स्कूलों में खेलों को अधिक बढ़ावा देने और सप्ताह में चार दिन खेल पीरियड आयोजित करने का सुझाव दिया। इसके अलावा विद्यार्थियों ने विद्यालयों में उपलब्ध अवसरों को बढ़ाने और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में काम करने की बात कही।
छात्रों के सुझाव खुद नोट करते दिखे CM धामी
विद्यार्थियों की ओर से दिए गए सुझावों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने संवाद के दौरान कई सुझावों को स्वयं नोट किया और अधिकारियों को इन पर विचार करते हुए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की सोच और उनके सुझावों को सरकार की नीतियों में भी शामिल किया जाएगा। इससे साफ है कि सरकार युवाओं की भागीदारी को केवल कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय नीति निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने पर जोर दे रही है।
‘नंबर से ज्यादा जरूरी विषय की समझ’
छात्रों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने पढ़ाई और परीक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि किसी विषय की वास्तविक समझ विकसित करना अधिक जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से पढ़ाई के तरीके में बदलाव लाने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा को बोझ की तरह नहीं देखना चाहिए। पढ़ाई को अपने भविष्य को बेहतर बनाने के अवसर के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में संस्कार और अनुशासन को अपनाने की सलाह भी दी।
‘लीडर वही जो अपने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ काम करे’
मुख्यमंत्री ने युवाओं को नेतृत्व क्षमता विकसित करने का संदेश देते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए केवल स्वयं की सफलता पर्याप्त नहीं है। एक बेहतर लीडर वह होता है जो अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने के साथ दूसरों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि समाज के प्रति संवेदनशीलता, अपने काम के प्रति लगन और सकारात्मक सोच व्यक्ति की पहचान को लंबे समय तक कायम रखती है। युवाओं को ऐसे कार्य करने चाहिए जो दूसरे लोगों के लिए प्रेरणा बन सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में वास्तविक सफलता तब है जब व्यक्ति खुद आगे बढ़ने के साथ दूसरों की प्रगति में भी योगदान दे। उन्होंने छात्रों से अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का इस्तेमाल समाज और प्रदेश के विकास के लिए करने का आह्वान किया।
AI को लेकर CM धामी की छात्रों को खास सलाह
कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बढ़ते इस्तेमाल पर भी मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि AI आज के समय में उपयोगी और ज्ञान बढ़ाने वाली तकनीक है, लेकिन इसका इस्तेमाल जरूरत के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा कि किसी भी समस्या या विषय को समझने के लिए सबसे पहले अपनी बुद्धि, विवेक और सोचने की क्षमता का इस्तेमाल करें। इसके बाद गुरुजनों के मार्गदर्शन और अनुभव से सीखें और जरूरत पड़ने पर AI की मदद लें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक विद्यार्थियों की सहयोगी होनी चाहिए, उनकी सोचने, समझने और सीखने की क्षमता का विकल्प नहीं। AI के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले संभावित दुष्परिणामों को लेकर भी उन्होंने छात्रों को सावधान किया।
पढ़ाई के साथ खेलों पर भी सरकार का जोर
मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ खेलों को भी महत्व देने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद राज्य में खेलों को लेकर युवाओं और समाज के बीच जागरूकता बढ़ी है।
अब बड़ी संख्या में विद्यार्थी खेलों को भी अपने करियर के विकल्प के रूप में देख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग खेल विधाओं में आगे बढ़ने के लिए युवाओं को लगातार मेहनत करनी चाहिए।
उन्होंने राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना’ का भी उल्लेख किया और बताया कि सरकार युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
युवाओं की सोच को समझने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह विद्यार्थियों की सोच, उनकी आकांक्षाओं और भविष्य को लेकर उनकी चिंताओं को समझते हैं। उन्होंने नई पीढ़ी की बदलती सोच और उनकी रुचियों को करीब से समझने की बात कही।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके विचारों और आकांक्षाओं को महत्व देती है और युवाओं की भागीदारी से ही राज्य के भविष्य की मजबूत नींव तैयार की जा सकती है।
छात्रों के लिए हमेशा खुला रहेगा संवाद का रास्ता
मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों से कहा कि सरकार और छात्रों के बीच संवाद लगातार जारी रहना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपनी समस्याएं, सुझाव और विचार खुलकर सरकार के सामने रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सरकार विद्यार्थियों की बात सुनने और उनके सुझावों पर विचार करने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री के अनुसार, निरंतर संवाद से सरकार को युवाओं की वास्तविक जरूरतों को समझने में मदद मिलेगी और इसी आधार पर बेहतर नीतियां तैयार की जा सकती हैं।
‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, AI, खेल, पर्यटन और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर विद्यार्थियों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि उत्तराखंड सरकार युवा वर्ग की सोच को नीति निर्माण से जोड़ने पर जोर दे रही है। अब देखना होगा कि विद्यार्थियों की ओर से दिए गए सुझावों में से कितने सुझाव आने वाले समय में सरकारी योजनाओं और नीतियों का हिस्सा बनते हैं।
