कोरिया : कोरिया जिले के नौगई ट्रिपल मर्डर केस के बाद अवैध रेत खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई तेज होती दिखाई दे रही है। हाल ही में खनिज विभाग की टीम ने चिरमी घाट पर छापेमारी कर अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे पांच वाहनों को जब्त किया है। जब्त किए गए वाहनों में दो ट्रैक्टर और तीन टीपर शामिल हैं। विभाग ने सभी वाहनों को संबंधित थाने के सुपुर्द कर दिया है और वाहन मालिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।
नौगई ट्रिपल मर्डर के बाद बढ़ी निगरानी
कोरिया जिले के नौगई गांव में बीते दिनों अवैध रेत खनन को लेकर विवाद के बीच हुए चर्चित ट्रिपल मर्डर के बाद राज्य स्तर पर खनिज विभाग की सक्रियता बढ़ी है। इस हत्याकांड के बाद विभाग की उड़नदस्ता टीम लगातार रेत घाटों पर छापेमारी कर रही है और कई स्थानों पर ड्रोन की मदद से निगरानी भी की जा रही है, ताकि अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
ग्रामीणों की शिकायत पर हुई कार्रवाई
खनिज विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि चिरमी घाट से ट्रैक्टर और टीपर के जरिए अवैध रूप से रेत का परिवहन किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच के दौरान दो ट्रैक्टर तथा तीन टीपर रेत परिवहन करते पाए गए। इसके बाद सभी वाहनों को जब्त कर संबंधित पुलिस थाने के हवाले कर दिया गया।
वाहन मालिकों पर दर्ज होगा मामला, लगेगा जुर्माना
खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अवैध रेत खनन और परिवहन के मामले में पकड़े गए सभी वाहन मालिकों के खिलाफ अपराध दर्ज किया जा रहा है। प्रत्येक वाहन पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा खनिज नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
पहले भी मिलती रही थीं शिकायतें
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोरिया और एमसीबी जिले की कई नदियों से लंबे समय से अवैध रेत खनन और परिवहन की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि, आरोप यह भी लगते रहे कि शिकायतों के बावजूद पहले प्रभावी कार्रवाई नहीं होती थी। नौगई में हुए चर्चित हत्याकांड के बाद अब विभाग लगातार सक्रिय नजर आ रहा है और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है।
अवैध खनन पर प्रशासन की सख्ती जारी
खनिज विभाग का कहना है कि जिले में अवैध रेत खनन और परिवहन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आगे भी शिकायत मिलने पर इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन पर रोक लगाना और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।
