ओडिशा : ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भारी भीड़ के बीच कथित तौर पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होने की खबर सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस घटना में एक बुजुर्ग श्रद्धालु की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि कई अन्य श्रद्धालु घायल हुए हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक न तो मौत की और न ही भगदड़ की आधिकारिक पुष्टि की गई है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
मरीचि कुंड चौक के पास बिगड़े हालात
घटनास्थल पर मौजूद एक श्रद्धालु के मुताबिक, मरीचि कुंड चौक के पास अचानक हालात बिगड़ गए। उनका कहना है कि या तो बाहरी सुरक्षा घेरे की रस्सी से बनी बैरिकेडिंग टूट गई या फिर भीड़ में कुछ लोगों का संतुलन बिगड़ने से वे सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद पीछे से आ रही भीड़ के कारण कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर गए, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शी ने दावा किया कि उन्होंने करीब 40 से 50 लोगों को एक-दूसरे के ऊपर गिरते देखा। इस घटना में कई श्रद्धालु घायल हुए, जबकि चार से पांच लोगों को गंभीर चोटें आईं।
घायलों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, उन्होंने स्वयं करीब 20 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की और एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि एक बुजुर्ग श्रद्धालु की मौत हो गई है। हालांकि, इस दावे की अब तक प्रशासनिक स्तर पर पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, रथ यात्रा के दौरान उमड़ी भारी भीड़ और लगातार हो रही बारिश के कारण घुटन, बेहोशी और अन्य चोटों की शिकायत लेकर लगभग 200 श्रद्धालुओं को पुरी के विभिन्न अस्पतालों और अस्थायी चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया है।
लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में निकली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा
गुरुवार को पुरी में आयोजित वार्षिक भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल हुए। सुबह निर्धारित समय से पहले ही ‘पहंडी बीजे’ अनुष्ठान के साथ भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और अन्य देव विग्रहों को श्री जगन्नाथ मंदिर से उनके भव्य एवं सजे-धजे रथों तक लाया गया।
पूरे धार्मिक आयोजन के दौरान घंटा, कहली और तेलिंगी बाजा जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि वातावरण में गूंजती रही। वहीं वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक ओडिसी नृत्य प्रस्तुतियों के बीच देवताओं का गुंडिचा मंदिर की ओर प्रस्थान हुआ, जहां वे नौ दिनों तक विराजमान रहेंगे।
प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
घटना को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की जानकारियां सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन ने अभी तक किसी भी मौत या भगदड़ जैसी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में प्रशासन की विस्तृत रिपोर्ट और आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। यदि पुष्टि होती है तो यह रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।
