राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को बिहार की राजनीति के बीच बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता, लंबे समय तक प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी रहे मृत्युंजय तिवारी ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी छोड़ने के पीछे सम्मान की कमी और संगठन के भीतर अपनी बात नहीं सुने जाने को प्रमुख कारण बताया। साथ ही उन्होंने बिना किसी का नाम लिए आरोप लगाया कि कुछ लोग संगठन को “दीमक की तरह खोखला” कर रहे हैं।
2014 से निभा रहे थे अहम जिम्मेदारी
मृत्युंजय तिवारी को वर्ष 2014 में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने पार्टी का मीडिया प्रभारी और राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया था। तब से वह लगातार पार्टी की नीतियों और विचारों को मीडिया के सामने मजबूती से रखते रहे। बिहार की राजनीति में उन्हें आरजेडी के प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में भी गिना जाता है।
इस्तीफे के बाद सम्मान को लेकर जताई नाराजगी
इस्तीफे की घोषणा करते हुए मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक कई बार सम्मान और संगठन में अपनी उपेक्षा का मुद्दा उठाया, लेकिन उनकी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना है कि लगातार अनदेखी के बाद पार्टी में बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह गया था।
उन्होंने कहा कि प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अब एक समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ता के लिए पार्टी में सम्मान नहीं बचा है।
तेजस्वी यादव का भी लिया नाम
मृत्युंजय तिवारी ने अपने बयान में यह भी कहा कि उन्होंने कई बार नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से भी अपनी शिकायत साझा की थी, लेकिन उनकी ओर से भी कोई ठोस पहल नहीं की गई। उनके मुताबिक, जब लगातार शिकायतों के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला तो पार्टी छोड़ना ही उचित विकल्प बचा।
उन्होंने कहा कि अपमानित होकर कोई भी व्यक्ति लंबे समय तक राजनीति नहीं कर सकता और आत्मसम्मान से बड़ा कुछ नहीं होता।
‘बुरे दौर में साथ दिया, लेकिन अब हालात बदल गए’
अपने बयान में मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि उन्होंने पार्टी के कठिन दौर में भी पूरी निष्ठा के साथ जिम्मेदारियां निभाईं और संगठन की नीतियों को जनता तक पहुंचाने का काम किया। हालांकि, उनका आरोप है कि संगठन में कुछ ऐसे लोग सक्रिय हैं, जिन्होंने पार्टी को अंदर से कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि यदि शीर्ष नेतृत्व ऐसे लोगों से घिरा रहेगा, तो समर्पित कार्यकर्ताओं के लिए संगठन में बने रहना मुश्किल हो जाएगा।
भागलपुर से रखते हैं संबंध, RJD के प्रमुख चेहरों में थी पहचान
भागलपुर निवासी मृत्युंजय तिवारी लंबे समय से आरजेडी की सक्रिय राजनीति का हिस्सा रहे हैं। पार्टी में उनकी पहचान एक प्रभावशाली प्रवक्ता और ब्राह्मण समाज के प्रमुख नेताओं में होती रही है। ऐसे में उनका इस्तीफा आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
