Rajgarh Car Accident: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। सारंगपुर तहसील के पड़ाना क्षेत्र में तेज बहाव वाले झिरी नाले को पार करने की कोशिश कर रही एक ओमनी कार देखते ही देखते पानी के तेज बहाव में बह गई। कार में महिलाओं और बच्चों समेत कुल 11 लोग सवार थे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि दो लोगों को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे में मुकेश और हुकुमसिंह के जिंदा बचने की जानकारी सामने आई है।
धार्मिक स्थल के दर्शन के लिए निकला था परिवार
जानकारी के मुताबिक देवास जिले के सतवास क्षेत्र के धांसड़ गांव से एक परिवार के 11 लोग ओमनी कार से राजगढ़ जिले के सारंगपुर तहसील के कड़नावद गांव स्थित एक धार्मिक स्थल पर दर्शन करने के लिए निकले थे। कार में चार बच्चे, चार महिलाएं और तीन पुरुष सवार थे।
परिवार सुबह करीब चार बजे धांसड़ से रवाना हुआ था। सफर के दौरान जब कार पड़ाना बायपास के पास पहुंची, तब वहां मौजूद नाला बारिश के कारण पूरी तरह उफान पर था। नाले का पानी सड़क के ऊपर से तेज रफ्तार में बह रहा था।
पानी सड़क के ऊपर बह रहा था, फिर भी नाला पार करने की कोशिश
स्थानीय लोगों के मुताबिक उस समय नाले का बहाव बेहद तेज था। पानी का स्तर इतना बढ़ गया था कि सड़क और नाले के बीच का अंतर साफ दिखाई नहीं दे रहा था। इसके बावजूद कार चालक ने वाहन को रोककर पानी कम होने का इंतजार करने के बजाय नाला पार करने की कोशिश की।
जैसे ही कार तेज बहाव वाले हिस्से में पहुंची, वह पानी के दबाव को संभाल नहीं सकी। वाहन अनियंत्रित होकर सड़क की दिशा में आगे बढ़ने के बजाय नाले की ओर बह गया और कुछ ही पलों में तेज धारा में समा गया।
स्थानीय लोगों ने चालक को रोका था, लेकिन नहीं मानी बात
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मौके पर मौजूद करीब पांच-छह लोगों ने कार चालक को आगे जाने से रोकने की कोशिश की थी। लोगों ने चालक से कहा था कि नाले का बहाव काफी तेज है और इस समय वाहन को पानी में उतारना जोखिम भरा हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने उसे बारिश रुकने और पानी का बहाव कम होने तक इंतजार करने की सलाह भी दी थी। बताया गया कि उस समय आसपास के लोग भी नाला पार नहीं कर रहे थे। इसके बावजूद चालक ने वाहन आगे बढ़ा दिया और कुछ ही देर में बड़ा हादसा हो गया।
पानी का बहाव इतना तेज था कि पलक झपकते ही गायब हुई कार
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव की कोशिश शुरू की। नाला काफी गहरा और पानी का बहाव तेज होने के कारण कार देखते ही देखते लोगों की नजरों से ओझल हो गई।
स्थानीय लोगों की मदद से दो पुरुषों को किसी तरह बाहर निकाला गया। इसके बाद नाले और आसपास के क्षेत्र में फंसे लोगों की तलाश शुरू हुई। सबसे पहले करीब तीन साल के बच्चे का शव बरामद होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया गया और महिलाओं एवं बच्चों समेत अन्य यात्रियों के शव भी निकाले गए।
बचाव अभियान के दौरान मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती गई और उपलब्ध नवीनतम जानकारी के मुताबिक हादसे में 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं।
मुकेश और हुकुमसिंह की बची जान
हादसे में मुकेश और हुकुमसिंह नाम के दो युवकों के सुरक्षित बचने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों की तत्परता से दोनों को बाहर निकाल लिया गया।
कार मुकेश नायक चला रहा था, जो धांसड़ गांव का रहने वाला बताया गया है। मुकेश के भाई बाला नायक के मुताबिक उन्हें हादसे की जानकारी सुबह करीब 11:30 बजे मिली। बाला ने बताया कि उनके भाई मुकेश ने किसी दूसरे व्यक्ति के मोबाइल फोन से उन्हें कॉल करके बताया कि कार पानी के तेज बहाव में बह गई है।
छह-सात महीने पहले खरीदी थी नई कार
बाला नायक के मुताबिक मुकेश ने करीब छह-सात महीने पहले ही नई कार खरीदी थी। हादसे की खबर मिलने के बाद परिवार के लोग घटनास्थल के लिए रवाना हुए।
उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही वह आष्टा के रास्ते घटनास्थल की ओर निकल पड़े। हादसे की खबर फैलते ही धांसड़ और आसपास के गांवों में भी शोक का माहौल बन गया।
प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। सारंगपुर एसडीएम, एसडीओपी और पुलिस-प्रशासन से जुड़े अधिकारियों की मौजूदगी में राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
रेस्क्यू टीमों के साथ स्थानीय ग्रामीणों ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया। तेज पानी के बीच रस्सियों की मदद से लोगों और शवों की तलाश की गई। कई घंटों की मशक्कत के बाद कार को भी नाले से बाहर निकालने की कोशिश की गई।
मौके पर बचाव अभियान के दौरान हालात चुनौतीपूर्ण बने रहे। पानी का तेज बहाव और नाले की गहराई रेस्क्यू टीमों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई थी।
कार में सवार लोगों की सामने आई सूची
धांसड़ गांव के पूर्व सरपंच ओमप्रकाश पटेल के अनुसार प्रारंभिक जानकारी में कार में सवार लोगों के नाम शंकर, विशाल, सागरबाई, पूजा, रीनू, हुकुम, वंशिका, राजवीर, जसप्रीत, आनंद और चालक मुकेश बताए गए हैं।
इस हादसे ने एक बार फिर बारिश के मौसम में उफनते नालों और नदी-नालों को पार करने के जोखिम को सामने ला दिया है। पानी सड़क के ऊपर बह रहा हो और बहाव तेज हो, तो कुछ मिनटों का इंतजार किसी बड़े हादसे से बचा सकता है। राजगढ़ की यह घटना इसी खतरे की बेहद दर्दनाक तस्वीर पेश करती है।
