जंतर-मंतर लाठीचार्ज विवाद पर बिल्हौर में उबाल, राष्ट्रीय अंबेडकर सेना ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन; सरकार से उठाईं कई बड़ी मांगें

बिल्हौर में जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ कथित लाठीचार्ज और दुर्व्यवहार के विरोध में राष्ट्रीय अंबेडकर सेना भारत ने विरोध प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। संगठन के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी बिल्हौर के माध्यम से भेजे गए इस ज्ञापन में घटना की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। संगठन का कहना है कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

जंतर-मंतर की घटना के विरोध में बिल्हौर में प्रदर्शन

राष्ट्रीय अंबेडकर सेना भारत के कार्यकर्ताओं ने बिल्हौर में एकत्र होकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का विरोध जताया। प्रदर्शन के बाद संगठन ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए इस घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।

राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशन में सौंपा गया ज्ञापन

यह ज्ञापन राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट उदय प्रताप कोरी के नेतृत्व तथा प्रदेश महासचिव एडवोकेट अमित कमल के निर्देशन में उपजिलाधिकारी बिल्हौर को सौंपा गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे छात्र-छात्राओं के साथ बल प्रयोग किया गया, जिससे कई प्रदर्शनकारी घायल हुए। संगठन ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग दोहराई।

ज्ञापन में उठीं कई अहम मांगें

संगठन ने राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाने, जंतर-मंतर की घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने और कथित लाठीचार्ज व दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही छात्रों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, उनके भविष्य की सुरक्षा और जंतर-मंतर को लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन के लिए सुरक्षित स्थल घोषित करने की भी अपील की गई है।

आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी

राष्ट्रीय अंबेडकर सेना भारत ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर बड़े आंदोलन की रणनीति अपनाएगा। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

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