NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और छात्र आंदोलन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में आज (शनिवार) बिहार बंद का आह्वान किया गया है। छात्र संगठन AISA और राष्ट्रीय युवा आंदोलन (RYA) के इस बंद को राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस, वीआईपी और वामदलों का समर्थन मिला है। संभावित प्रदर्शन और भीड़ को देखते हुए पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दी गई है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
पूरे बिहार में हाई अलर्ट, 70 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात
बिहार बंद को लेकर राज्य सरकार ने सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रखा है। करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है, जबकि पुलिसकर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति से पहले ही निपटना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
पटना के संवेदनशील इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
राजधानी पटना में विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर, करगिल चौक, कोतवाली टी-पॉइंट, इनकम टैक्स चौराहा, वीरचंद पटेल पथ, हाईकोर्ट, अशोक राजपथ, राजवंशी नगर मोड़, आशियाना और मुख्यमंत्री आवास के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जेपी गोलंबर पर वाटर कैनन के साथ लगभग 200 जवानों की विशेष तैनाती की गई है ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
CISF, BSF, CRPF और SSB भी सुरक्षा व्यवस्था में शामिल
स्थानीय पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया है। CISF, BSF, SSB और CRPF के जवान विधानसभा, पटना जंक्शन, जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट, राजेंद्र नगर टर्मिनल, संग्रहालय और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में लगाए गए हैं। प्रशासन का फोकस संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर विशेष रूप से बना हुआ है।
फ्लैग मार्च के जरिए प्रशासन ने दिया सुरक्षा का संदेश
बिहार बंद से एक दिन पहले पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में करीब 50 वाहनों के साथ फ्लैग मार्च निकाला गया। यह मार्च गांधी मैदान से शुरू होकर करगिल चौक, अशोक राजपथ, बीएन कॉलेज, पटना यूनिवर्सिटी, एनआईटी मोड़ और कदमकुआं तक पहुंचा। मार्च में डीएम, एसएसपी, तीनों सिटी एसपी, एसडीएम और विभिन्न थानों के प्रभारी भी शामिल रहे।
प्रशासन की चेतावनी, कानून हाथ में लेने वालों पर होगी कार्रवाई
एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन किसी भी व्यक्ति द्वारा माहौल खराब करने या हिंसा फैलाने की कोशिश पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रदर्शनकारियों से संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रही है और छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की सलाह दी जा रही है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और अफवाह फैलाने वालों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने 177 संदिग्ध असामाजिक तत्वों की तस्वीरें जारी कर आम लोगों से उनकी पहचान में सहयोग मांगा है।
सरकार का निर्देश, बल प्रयोग अंतिम विकल्प होगा
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार ने उच्चस्तरीय बैठक के बाद अधिकारियों को निर्देश दिया कि बल प्रयोग केवल अंतिम विकल्प के रूप में किया जाए। अधिकारियों से कहा गया है कि पहले छात्रों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास करें और निर्दोष छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं का तत्काल खंडन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी, CCTV से होगी मॉनिटरिंग
डीजीपी विनय कुमार ने सभी जिलों में दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने की आशंका को देखते हुए 117 संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। संवेदनशील इलाकों की सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उपद्रवियों के पोस्टर भी जारी किए जा सकते हैं।
डीएम की अपील, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें छात्र
पटना के डीएम कुंदन कुमार ने छात्रों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को अफवाहों से दूर रखें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
कांग्रेस निकालेगी कैंडल मार्च, कई जिलों में प्रदर्शन जारी
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्यभर में कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने का निर्णय लिया है। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने जिला इकाइयों को निर्देश दिया है कि NEET और CBSE परीक्षा में कथित अनियमितताओं तथा छात्रों के साथ हुए कथित दमन के विरोध में महात्मा गांधी या डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक मार्च निकाला जाए।
इस बीच शुक्रवार को बेतिया, बक्सर, सुपौल, जमुई, समस्तीपुर, वैशाली, खगड़िया और दरभंगा सहित कई जिलों में छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा। सुरक्षा कारणों से पटना और औरंगाबाद में 26 जुलाई तक सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं, जबकि बेगूसराय में भी एहतियातन शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का फैसला लिया गया है।
