नई दिल्ली: पश्चिमी दिल्ली के टिकरी कलां मेट्रो स्टेशन के पास सीएनजी स्टेशन पर हुए भीषण धमाके को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) की प्राथमिक जांच रिपोर्ट में हादसे की वजह ट्रक में लगे अनधिकृत अतिरिक्त सीएनजी सिलिंडर बताए गए हैं। सीएनजी भरवाने के दौरान हुए इस जोरदार धमाके में पंप के तीन कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था और वाहनों में लगाए गए सीएनजी सिलिंडरों की वैधता को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सीएनजी भरवाते समय हुआ था जोरदार धमाका
यह हादसा पश्चिमी दिल्ली के टिकरी कलां मेट्रो स्टेशन के नजदीक स्थित सीएनजी स्टेशन पर हुआ। स्टेशन मैसर्स आध्या एनर्जीज की डीलरशिप के तहत संचालित किया जा रहा है। बताया गया कि एक ट्रक सीएनजी भरवाने के लिए स्टेशन पहुंचा था। इसी दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
धमाका इतना तेज था कि स्टेशन पर मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों में दहशत फैल गई। हादसे में स्टेशन पर काम कर रहे तीन कर्मचारियों की जान चली गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए।
ट्रक में 6 सिलिंडर की थी अनुमति, मिले अतिरिक्त सिलिंडर
IGL की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि जिस ट्रक से यह हादसा जुड़ा है, वह अधिकतम छह सीएनजी सिलिंडर ले जाने के लिए अधिकृत था। लेकिन प्रारंभिक जांच के दौरान वाहन में निर्धारित संख्या से अधिक सिलिंडर लगे होने की बात सामने आई है।
यही अतिरिक्त सिलिंडर हादसे की जांच का सबसे अहम पहलू बन गए हैं। हालांकि, इन अतिरिक्त सिलिंडरों की वैधता क्या थी और धमाका वास्तव में किस तकनीकी वजह से हुआ, इसे लेकर प्रशासनिक और तकनीकी एजेंसियां आगे की जांच कर रही हैं। इसलिए हादसे के अंतिम कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
तीन कर्मचारियों की मौत, तीन अन्य घायल
इस दर्दनाक हादसे में सीएनजी स्टेशन के तीन कर्मचारियों की मौत हुई है। मृतकों की पहचान मनीष (25), ब्रह्मजीत (34) और सन्नी (30) के रूप में हुई है। वहीं सुरजीत, संजय और विपिन घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हादसे की सूचना मिलने के बाद संबंधित एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। घटना के बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
IGL ने जताया दुख, सुरक्षा प्रोटोकॉल पर दिया जोर
हादसे पर IGL ने गहरा दुख जताया है। कंपनी की ओर से अधिकारी अमदीप सिंह ने कहा कि कंपनी मृतक कर्मचारियों के परिवारों के साथ खड़ी है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करती है।
IGL ने यह भी कहा कि कंपनी सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक प्रोटोकॉल और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन कर रही है। कंपनी की जांच के साथ-साथ संबंधित प्रशासनिक और तकनीकी एजेंसियां भी घटना के कारणों की पड़ताल कर रही हैं।
अतिरिक्त सिलिंडरों की वैधता की भी होगी जांच
प्राथमिक जांच में अनधिकृत अतिरिक्त सिलिंडरों का सामने आना इस हादसे का महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वाहन में अतिरिक्त सिलिंडर किस तरह लगाए गए थे, उनकी अनुमति थी या नहीं और हादसे के समय उनकी क्या भूमिका रही।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि धमाका किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।
