दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बारिश के बाद दिखे गड्ढे, कांग्रेस ने उठाए निर्माण गुणवत्ता पर सवाल; सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अप्रैल 2026 में उद्घाटित किए गए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर नया राजनीतिक विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में बड़े गड्ढे दिखाई देने वाले वीडियो और तस्वीरें वायरल होने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने दावा किया कि उद्घाटन के कुछ ही महीनों के भीतर सड़क की स्थिति पर सवाल खड़े होना गंभीर चिंता का विषय है।

बारिश के बाद वायरल हुईं एक्सप्रेसवे की तस्वीरें

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में बड़े गड्ढे दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस का कहना है कि पहली ही बारिश में सड़क की स्थिति खराब होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

इस मुद्दे पर कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 14 अप्रैल 2026 को उद्घाटित इस एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था। पार्टी ने आरोप लगाया कि यदि इतनी बड़ी लागत वाली परियोजना में कुछ ही महीनों में गड्ढे दिखाई देने लगे हैं, तो यह निर्माण प्रक्रिया और गुणवत्ता नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भ्रष्टाचार और धन के दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

देशभर की परियोजनाओं का भी किया जिक्र

कांग्रेस ने अपने बयान में दावा किया कि यह कोई अकेला मामला नहीं है। पार्टी के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में पुल, सड़क, हाईवे, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कई विकास परियोजनाओं के निर्माण मानकों को लेकर चिंताएं सामने आई हैं।

क्या है दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की खासियत?

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल किया जाता है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम क्षेत्र से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के बागपत, बड़ौत, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर होते हुए देहरादून तक पहुंचता है। इसके अलावा हरिद्वार को जोड़ने के लिए भी अलग संपर्क मार्ग विकसित किया गया है।

यह परियोजना चारधाम हाईवे नेटवर्क से भी जुड़ी हुई है, जिससे उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होती है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे के पूरी तरह संचालित होने पर दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी लगभग 235 किलोमीटर से घटकर 212 किलोमीटर रह जाती है, जबकि यात्रा का समय करीब 6.5 घंटे से घटकर लगभग 2.5 घंटे होने का अनुमान है।

गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल, निगाहें आगे की कार्रवाई पर

एक्सप्रेसवे से जुड़ी तस्वीरें सामने आने के बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर बहस तेज हो गई है। फिलहाल कांग्रेस ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। वहीं, इस मुद्दे पर संबंधित एजेंसियों या निर्माण प्राधिकरण की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। आगे की जांच या स्पष्टीकरण के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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